सरकारी माता कौशल्या अस्पताल में करीब 16 करोड़ की लागत से जच्चा-बच्चा अस्पताल बनाया गया है। वीरवार को सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने इसका उद्घाटन किया।
100 बिस्तर की क्षमता वाले इस बड़े अस्पताल में चार ब्लाक बनाए गए हैं, जहां मरीजों के लिए विभिन्न आधुनिक सेहत सुविधाएं दी जा रही हैं। इस मौके पर ज्याणी ने बताया कि ऐसे अस्पताल हर उस जिले और तहसील में बनवाए जा रहे हैं, जहां सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी की दर अधिक है।
उन्होंने बताया कि पंजाब में 51 प्रतिशत डिलीवरी सरकारी सेहत संस्थानों में हो रही हैं, जो सरकार और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से ही संभव हो सका है।
उन्होंने कहा कि पहले अधिकतर डिलीवरी घर में होती थी, जिससे मां और बच्चे की जान को लगातार खतरा बना रहता था। अब सरकार के प्रयासों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ने के कारण जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी आई है।
सेहत मंत्री ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में सरकार की ओर से 234 प्रकार की दवा मुफ्त उपलब्ध करवाई गई हैं। साथ ही सभी डॉक्टरों को यह सख्त निर्देश हैं कि वे उपलब्ध दवा मरीजों को मुहैया करवानी सुनिश्चित करें।
इस दौरान कुछ सरकारी डॉक्टरों की ओर से मरीजों को बाहर से दवा लाने संबंधी पर्ची लिखने का मामला ध्यान में आने पर सेहत मंत्री ने सिविल सर्जन को इसकी जांच के आदेश भी दिए।
सेहत मंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से बड़े स्तर पर डॉक्टरों की भरती की जा रही है। आने वाले दिनों में किसी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी। अस्पतालों में आवश्यकतानुसार तकनीकी स्टाफ भी मौजूद है।