पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शनिवार को पत्ते खोल दिए। कांग्रेस के गढ़ माने जाते पटियाला में पार्टी ने कोई फेरबदल नहीं किया, बल्कि एक बार फिर से अपने मौजूदा विधायकों व मंत्रियों पर ही भरोसा दिखाते हुए उन्हें टिकट दिए हैं। छह में से चार सीटों पर मौजूदा विधायकों को उतारा, जबकि एक सीट पर मौजूदा विधायक व कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा के बेटे को टिकट दे दिया। वहीं सन्नौर सीट से पिछले चुनावों में हारे प्रत्याशी व सिद्धू के करीबी हरिंदरपाल सिंह हैरीमान पर ही दोबारा भरोसा जताते टिकट दी गई है।
पटियाला (शहरी) व शुतराणा सीटों को लेकर अभी भी कांग्रेस में पेंच फंसा हुआ है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस छोड़ने के कारण पटियाला (शहरी) सीट के लिए कोई टक्कर का उम्मीदवार तलाशना कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। कभी कांग्रेस इस सीट से कैप्टन को हराने के लिए आप के पूर्व सांसद डा. धर्मवीर गांधी पर डोरे डालती है, तो कभी नवजोत सिंह सिद्धू को इस सीट से उतारने की चर्चाओं का बाजार गर्म हो जाता है। शुतराणा सीट के मौजूदा निर्मल सिंह को पार्टी दोबारा टिकट देने के मूड में नहीं लग रही है, क्योंकि निर्मल सिंह अपनी ही पार्टी के खिलाफ अकसर बगावती झंडा बुलंद करते दिखते हैं। पार्टी अब शुतराणा से किसी युवा चेहरे को उतारना चाहती है।
वहीं पटियाला देहाती से कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा के बेटे मोहित मोहिंदरा को टिकट मिलने की घोषणा हुई, जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला (शहरी) ने इसका विरोध शुरू कर दिया। जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला शहरी के प्रधान नरिंदर पाल लाली ने कहा कि मोहित मोहिंदरा को किसी कीमत पर जीतने नहीं दिया जाएगा। वह व उनके समर्थक और सारी जिला कांग्रेस के कार्यकर्ता हलके में घर-घर जाकर मोहित मोहिंदरा के खिलाफ कैंपेन चलाएंगे। लाली ने कहा कि मोहित के पिता कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने हलके में कोई विकास नहीं कराया, बल्कि कोरोना काल में घर बैठे आराम फरमाते रहे। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह नवजोत सिंह सिद्धू को इस संबंध में मिलकर विरोध दर्ज कराएंगे।