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Patiala News: अब नहीं जाना पड़ेगा पीजीआई, राजिंदरा में ही हो सकेगी कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी

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सात लाख में बधिर बच्चों को लगने वाले इम्प्लांट राजिंदरा में सर्जरी कर बिल्कुल मुफ्त लगाया जाएगा
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पंजाब में फरीदकोट के बाद यह सर्जरी करने वाला दूसरा चिकित्सा संस्थान होगा
केंद्र सरकार ने राजिंदरा को सर्जरी करने की दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। बधिर बच्चों की कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी (कर्णावत प्रत्यारोपण सर्जरी) के लिए अब पीजीआई चंडीगढ़ नहींं जाना पड़ेगा। मालवा क्षेत्र के जाने-माने पटियाला स्थित सरकारी राजिंदरा अस्पताल में ही अब यह सर्जरी हो सकेगी। केंद्र सरकार के साथ राजिंदरा ने इस संबंधी एमओयू साइन कर लिया है, जिसके तहत अब केंद्र की ओर से बधिर बच्चों के लिए मुफ्त में इंप्लांट मुहैया कराया जाएगा। जबकि इसकी कीमत लाखों में है। पंजाब में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट के बाद यह सर्जरी करने वाला राजिंदरा दूसरा चिकित्सा संस्थान बन जाएगा। गौरतलब है कि जिन बच्चों के अंदरूनी कान में समस्या होने से उन्हें बिल्कुल सुनाई नहीं देता है। उन्हें इम्प्लांट लगाया जाता है, जिससे वह सुनने लगते हैं।
राजिंदरा अस्पताल को एडीआईपी योजना के तहत भारत सरकार से कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए मंजूरी मिल गई है। गरीब मरीजों के लिए यह सर्जरी मुफ्त में की जाएगी। राजिंदरा ने समाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत अली यावर जंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग डिसएबिलिटीज (दिव्यांगजन) एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। सभी सर्जरी ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों विभाग के प्रमुख डॉ संजीव भगत, डॉ विश्व यादव, व सहायक प्रोफेसरों की टीम की ओर से की जाएंगी। जानकारी के मुताबिक 5 वर्ष से कम उम्र का कोई भी बच्चा पारिवारिक आय की परवाह किए बिना इंप्लांट प्रत्यारोपण के लिए पात्र होगा। कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी में करीब 7 लाख का खर्च आता है। यह 22,500 रुपये से कम मासिक आय वाले लोगों के लिए मुफ्त होगा। जिसकी आय 22,500-30,000 रुपये के बीच है, उसे सर्जरी का 50 फीसदी खर्च वहन करना होगा। सर्जरी के बाद बच्चे को स्पीच थेरेपी भी दी जाएगी।
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स्पीच थेरेपी के लिए राजिंदरा में लाखों की लागत से बनेगा आडियोलाजी विंग
सरकारी मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. राजन सिंगला ने बताया कि कोॅक्लियर इम्प्लांट का पूरा सेटअप मौजूदा ईएनटी विभाग में बनाया जाएगा। कोक्लियर इंप्लांट मरीजों के पुनर्वास के लिए अलग से ऑडियोलॉजी विंग बनाया जाएगा। जहां सर्जरी के बाद उन्हें स्पीच थेरेपी दी जाएगी। इस विंग में बच्चे की सुनाई की जांच भी होगी कि उसे कितना सुनाई देता है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार को आडियोलाजी विंग की स्थापना के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। इस पर करीब 35 लाख रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि एक बार यह सुविधा पूरी तरह काम करने लगेगी तो पंजाब के लोगों को पीजीआई चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे मरीजों का बोझ कम होगा। राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ हरनाम सिंह रेखी ने बताया कि बहुत जल्द इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक सभी बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाएगा।
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