पटियाला में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते मुलाजिम।
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क्लास फोर्थ गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों के दर्जा चार मुलाजिमों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर बादल सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
यूनियन ने सरकार पर आरोप लगाते हुए उनके द्वारा किए झूठे वादों की गठरी यात्रा निकाली। यह यात्रा अनाज मंडी से शुरू होकर सरकारी प्रेस दुखनिवारण साहिब चौक पहुंची। यहां मुलाजिमों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद गठरी यात्रा जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स तक निकाली गई।
इस दौरान काले चोगे डाले मुलाजिमों ने झूठे वादों की गठरी को आग भी लगाई और अपनी मांगों संबंधी ज्ञापन सीएम व मुख्य सचिव के नाम पर डीसी को दिया। यूनियन ने एलान किया कि बुधवार को नगर निगम प्रशासन का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया जाएगा। वीरवार को प्रदेश स्तरीय रैली मोहाली करके चंडीगढ़ विधानसभा की तरफ रोष मार्च किया जाएगा।
यूनियन के प्रदेश प्रधान दर्शन सिंह लुबाना ने कहा कि मुलाजिम नौ सालों से मांगों को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं। सीएम ने पांच दिसंबर 2015 को बैठक करके मुलाजिमों की मानी मांगों को अब तक लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों में ठेकेदारों ने पूरी लूट मचा रखी है। लेबर कमिश्नर के मिनीमम वेज के नियम 1970 और 1980 लागू नहीं किए जा रहे हैं।
यही नहीं बादल सरकार ने अपने राज में 18 मुलाजिम विरोधी पत्र जारी करके मिल रही सुविधाएं वापस ले ली हैं। इसमें पुरानी पेंशन और एक्स ग्रेशिया देना शामिल है। 2014 और 2015 का 23 महीने का डीए का बकाया, नई नियुक्ति व केवल 4900 रुपये तनख्वाह का पे बैंड तीन साल के लिए देना शामिल है।
अब अपने ताजा फैसले में दो सालों की बढ़ोतरी लेने वाले अधिकारी व कर्मचारी की पेंशन ग्रेच्युटी में दो सालों का महंगाई भत्ता वापस लेना भी शामिल है। इसी तरह से पेंशन भोगी कर्मचारियों को 9 सालों में कोई भी सुविधा नहीं दी गई। दिहाड़ीदार ठेका आधारित काम कर रहे कर्मचारी और पार्ट टाइम कर्मचारियों को रेगुलर भी नहीं किया गया।