हलका दिड़बा में शनिवार को संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के निशाने पर रहीं। सीएम ने दोनों पार्टियों को पंजाब विरोधी करार देते हुए दोनों को सीधे तौर पर बातचीत के लिए ललकारा। दिड़बा के दर्जनों गांवों के लोग इस संगत दर्शन कार्यक्रम में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे हुए थे जिन्हें सीएम ने सुना और उनका समाधान करने के संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए।
सीएम बादल ने आम आदमी पार्टी द्वारा उनकी कोठी का घेराव करने को गैर लोकतंत्रीय और बेतुका बताते हुए कहा कि उनके दरवाजे सभी राजनीतिक दलों के नेताओं तथा आम लोगों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। कोई भी उनके साथ आकर विचार विमर्श कर सकता है। कोठी का घेराव करना अनावश्यक, तर्कहीन और गैर लोकतंत्रीय है। बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी का उद्देश्य राज्य की शांति को भंग करना है। इसमें कांग्रेस भी आप को अपना सहयोग कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के हितों के विरुद्ध कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच पक्की सांझ है। दोनों पार्टियां राज्य के विकास और यहां के लोगों के कल्याण के लिए चल रहे कार्यों में बाधा डालने के लिए पूरी तरह यत्नशील है।
सीएम ने कहा कि ये दोनों दल पंजाब के लोगों से उनका पानी छीनने की कोशिश करके पंजाब के लोगों से धोखा कर रहे हैं। पंजाब के पानी पर हरियाणा, राजस्थान और अन्य किसी राज्य का कोई अधिकार नहीं है। पंजाब के पानी की एक बूंद भी किसी को नहीं दी जाएगी। इसके लिए पहले भी अकाली दल ने संघर्ष किया था और जरूरत पड़ी तो भविष्य में भी अकाली दल इसके लिए संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने कहा कि संगत दर्शन का उद्देश्य लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं जानना और उनका समाधान करना है। संगत दर्शन दौरान लोगों की आवश्यकताओं अनुसार ही समस्याओं का निपटारा उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाता है इसके अतिरिक्त अधिकारियों को लोगों के रूबरू करके जवाब देह बनाया जाता है। इस दौरान सीएम बादल ने गांव मौड़ा, गुज्जरां, कमालपुर सहित दो दर्जन गांवों के लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें विकास कार्यों के लिए ग्रांट दी।
इस मौके पर वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, मुख्य संसदीय सचिव संत बलबीर सिंह घुन्नस, पूर्व मंत्री गोबिंद सिंह कांझला, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव एस करुणा राजू, प्रबंधकीय सदस्य पावरकॉम गुरबचन सिंह बची, शिअद के जिलाध्यक्ष तेजा सिंह कमालपुर, पीआरटीसी के वाइस चेयरमैन विनरजीत सिंह गोल्डी, रविंदर सिंह चीमा, हरदेव सिंह रोगला मौजूद थे।