पटियाला में बाबा रणजीत सिंह ढडरियांवाले के साथ मौजूद एसजीपीसी अध्यक्ष मक्कड़ व अन्य।
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लुधियाना हमले के बाद से दमदमी टकसाल प्रमुख बाबा हरनाम सिंह धुम्मा और बाबा रणजीत सिंह ढडरियांवाले के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने के इरादे से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ ने वीरवार को बंद कमरे में बाबा ढडरियांवाले से बैठक की। उनके साथ अंतरिंग कमेटी मेंबर करनैल सिंह पंजोली, गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी हरपाल सिंह और शिरोमणि कमेटी के एडिशनल सचिव परमजीत सिंह सरोआ भी मौजूद रहे।
बैठक के बाद जत्थेदार मक्कड़ ने पत्रकारवार्ता में बताया कि यह मुलाकात पिछले दिनों अंतरिंग कमेटी की बैठक में पास किए प्रस्ताव के विवाद को आपसी बातचीत से खत्म करने के उद्देश्य से गठित की जाने वाली कमेटी के फैसले के मद्देनजर हुई है। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान बाबा ढंडरिया वाले को उन्होंने इस फैसले के बारे में बता दिया। गठित की जाने वाली कमेटी पूरी तरह से धार्मिक व निष्पक्ष होगी। इसमें एसजीपीसी के मेंबरों व जत्थेदारों की कोई भूमिका नहीं होगी।
जत्थेदार मक्कड़ ने साफ किया कि सिख कौम की ओर से छह जून को घल्लूघारा दिवस मनाया जाएगा लेकिन इस बाबत किसी भी अन्य जत्थेबंदी चाहे वह शिव सेना हो या कोई अन्य किसी को टिप्पणी करने का हक नहीं है। छह जून को शांति के साथ अरदास करके इसे मनाया जाएगा।
श्री गुरु गोबिंद जी के 350वें प्रकाश पर्व के बारे में जत्थेदार मक्कड़ ने कहा कि एसजीपीसी इस दौरान 52 कवियों का कवि दरबार व कीर्तन दरबार दीना कांगड़, श्री आनंदपुर साहिब, हजूर साहिब, दमदमा साहिब में कराएगी। इसके अलावा चेतना मार्च आनंदपुर साहिब से पटना साहिब तक निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि चार साहिबजादे फिल्म का दूसरा भाग बाबा बंदा सिंह बहादुर तक बनाना एसजीपीसी की मांग पर मंजूर किया गया था।