पटियाला। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार का अभी गठन नहीं हुआ, इधर अफसरशाही में चुस्ती पहले से नजर आने लगा है। सरकारी मेडिकल कालेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल डा. हरजिंदर सिंह ने सरकारी राजिंदरा अस्पताल में सभी विभागों को पत्र जारी करके सख्त निर्देश दिए हैं कि सारे डाक्टर रोजाना समय पर ओपीडी में जांच को पहुंचे और मरीजों को लैब टेस्ट प्राइवेट कराने को न लिखें। सभी टेस्ट अस्पताल के अंदर से ही कराए जाएं। इसके साथ ही डाक्टरों की ओर से मरीजों के साथ हमदर्दी वाला व्यवहार किया जाए। पत्र में इन निर्देशों का पालन न करने वाले डाक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
मेडिकल कालेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल डा. हरजिंदर सिंह ने राजिंदरा के सभी विभागों के प्रमुखों को पत्र जारी किया है। जिसके जरिये विभाग प्रमुखों कोसुनििश्चित कराने को कहा है कि उनके डाक्टरों समेत सारा स्टाफ समय से ड्यूटी पर आए। पत्र में प्रिंसिपल ने बकायदा ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर के ढाई बजे तक का जिक्र किया है। डाक्टरों को इस समय का पाबंद होने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही मरीजों के सारे टेस्ट बाहर प्राइवेट लैबोरेटरियों से कराने की बजाय अस्पताल के अंदर लैब में कराने को कहा गया है। जिससे गरीब मरीजों को कोई दिक्कत न हो। इस पत्र में डाक्टरों को मरीजों के साथ हमदर्दी वाला व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। डायरेक्टर प्रिंसिपल की ओर से यह निर्देश हुए हैं कि डाक्टर अपने विभाग की सफाई के साथ-साथ साथ लगते बरामदों और लान बगैरा का सफाई का ध्यान रखेंगे।
राजिंदरा में अकसर डाक्टरों की लेटलतीफी को लेकर मरीजों की रहती हैं शिकायतें
अक्सर देखने में आता है कि राजिंदरा की ओपीडी में काफी गिनती डाक्टर दोपहर के दो बजते ही अपनी कुर्सी छोड़कर चले जाते हैं। सुबह भी डाक्टरों के समय से न पहुंचने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। राजिंदरा मालवा क्षेत्र का जाना माना अस्पताल है। यहां पटियाला जिले समेत आसपास के कईं जिलों से रोजाना बड़ी गिनती मरीज इलाज को ओपीडी में आते हैं। ऐसे में डाक्टरों के समय से न आने व तय समय से पहले ओपीडी से चले जाने से मरीजों को काफी परेशानियां होती हैं।
सभी डाक्टरों को निशाना बनाना बेहद निंदनीय-डा. भूल्लर
पंजाब स्टेट मेडिकल एंड डेंटल टीचर्स एसोसिएशन ने सरकारी मेडिकल कालेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल की ओर से जारी किए इस पत्र की निंदा की है। यहां जारी बयान में एसोसिएशन के प्रेंसीडेंट डा. डीएस भूल्लर और जनरल सेक्रेटरी डा. दर्शनजीत सिंह वालिया ने कहा है कि कुछ गलत पर प्रतिबंध लगाने की बजाय इस तरह का पत्र जारी करके सारी डाक्टर फैकेल्टी को निशाना बनाना गलत है। आगे कहा कि ओपीडी में बैठे डाक्टरों का काम नहीं कि वह उन दलालों पर नकेल कसें, जो राजिंदरा में आने वाले मरीजों को बाहर प्राइवेट लैब से टेस्ट कराने को गुमराह करते हैं।