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थमऌ़ल प्लांट बंद करने का मामला

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सरकार के खिलाफ उतरीं इंजीनियर और मुलाजिम जत्थेबंदियां
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बठिंडा थर्मल प्लांट बंद करने का मामला, सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग
एक जनवरी को काले बिल्ले लगाकर काम करेंगे बिजली निगमों के इंजीनियर
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाब सरकार की ओर से बठिंडा थर्मल प्लांट को पूरी तरह और रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद करने के फैसले के खिलाफ पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन व मुलाजिम जत्थेबंदियां मैदान में उतर आई हैं। इंजीनियर्स एसोसिएशन ने कैप्टन सरकार से अपने इस फैसले के लिए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। वहीं एलान किया है कि इसके खिलाफ एक जनवरी को काले बिल्ले लगाकर काम किया जाएगा। उधर मुलाजिम जत्थेबंदियों ने भी सरकार को आंदोलन के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर देविंदर गोयल ने बताया कि पंजाब कैबिनेट की ओर से बठिंडा थर्मल प्लांट और रोपड़ प्लांट के दो यूनिट बंद करने का लिया गया फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। इस फैसले के लिए जो कारण बताए जा रहे हैं वह भी आधारहीन हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा फैसला पंजाब के लोगों के साथ धोखा है। पब्लिक सेक्टर के खात्मे की तरफ तेजी से बढ़ने का साफ संकेत है। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार पिछली अकाली-सरकार के नक्शे कदम पर चल रही है। सरकारी थर्मल प्लांटों का खात्मा करके बिजली क्षेत्र को पूर्ण तौर पर निजी कंपनियों को सौंपने जा रही है। इस नीति के भविष्य में नतीजे पंजाब के लिए तबाही वाले और लोक विरोधी साबित होंगे। लोग बिजली के लिए प्राइवेट सेक्टर पर निर्भर हो जाएंगे। एसोसिएशन ने इस मामले में कई बार सरकार को लिखा भी था लेकिन सरकार ने प्लांटों को बंद करने का फैसला कर लिया। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लागू करने के दिन एक जनवरी को इंजीनियरों की ओर से काले बिल्ले लगाकर काम किया जाएगा।
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उधर पंजाब एटक के महासचिव निर्मल सिंह धालीवाल और प्रधान बंत सिंह बराड़ ने कैप्टन सरकार के इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए सरकार को आंदोलन के लिए तैयार रहने की धमकी दी है। मुलाजिम नेताओं ने कहा कि अपने थर्मल प्लांटों को बंद करके पंजाब को बिजली की सप्लाई के लिए पूरी तरह से प्राइवेट सेक्टर पर निर्भर किया जा रहा है। इससे कर्मचारी हितों का भी हनन होगा। सरकार ने रोजगार तो क्या देना था, रोजगार छीनने की तरफ चल रही है।
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