पटियाला। एआईबीईए-एआईबीओए के बैनर तले सेंट्रल ट्रेड यूनियन बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त मंच के आह्वान पर सोमवार से की गई दो दिवसीय हड़ताल के कारण जिले के बैंकों में 500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। करीब 150 बैंक शाखाओं के बड़ी संख्या में मुलाजिम व अधिकारी इस दौरान कामकाज छोड़कर हड़ताल पर रहे।
पंजाब बैंक कर्मचारी महासंघ के महासचिव एसके गौतम ने उक्त जानकारी देते बताया कि हड़ताल के जरिये केंद्र सरकार पर बैंकों का निजीकरण न करने के लिए दबाव बनाया गया है। उम्मीद है कि सरकार की ओर से मुलाजिमों के हितों में फैसला लिया जाएगा। मंगलवार को हड़ताल के दूसरे बैंक कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर पंजाब नेशनल बैंक के पटियाला कार्यालय के सामने छोटी बारादरी में जोरदार रोष प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर पंजाब बैंक कर्मचारी महासंघ के महासचिव और संयुक्त सचिव एआईबीईए एस के गौतम ने बताया कि केंद्र सरकार की श्रम विरोधी, किसान विरोधी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मंगलवार को विभिन्न क्षेत्रों के 20 करोड़ से अधिक कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। केंद्र की नीतियों के कारण महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी बढ़ रही है और स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन जैसे प्रमुख मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नफरत का माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जाए। सभी क्षेत्रों में रिक्त पदों को भरें, निजीकरण बंद करें और आउटसोर्सिंग व ठेका सिस्टम बंद हो। उन्होंने एनपीएस को खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना के बहाली की मांग की। इस अवसर पर विभिन्न ओहदेदारों में मंगा राम, संजीव पाराशर देव राज, रजाक मोहम्मद मौजूद रहे।