फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: राजपुरा में वर्चुअल बैठक में पहुंचे भाजपा नेताओं का 200 किसानों ने किया घेराव

Sat, 17 Oct 2020 06:57 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)
विज्ञापन
भाजपा नेताओं का घेराव कर नारेबाजी करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

राजपुरा में स्थित जैनसभा हॉल में शनिवार को किसानों को लेकर हुई वर्चुअल बैठक में पहुंचे भाजपा नेताओं को लगभग 200 किसानों ने घेर लिया। सभास्थल पर भाजपा नेताओं के आने की भनक लगते ही अलग-अलग धरनों पर बैठे किसान विरोध जताने पहुंच गए।

विज्ञापन


आक्रोशित किसानों ने करीब तीन घंटे (11 से 2 बजे) तक भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को घेरकर रखा और बाहर नहीं निकलने दिया। किसानों ने जैन सभास्थल के मुख्य गेट पर धरना दिया और केंद्र सरकार व भाजपा नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

 

किसान अड़े रहे कि जब तक भाजपा नेता कृषि कानूनों को वापस नहीं लेते तब तक किसी को भी बाहर नहीं आने दिया जाएगा। हालात की गंभीरता को देखते हुए दोपहर बाद 15 से 20 पुलिस कर्मचारी सभास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों में समझौता करवाने की कोशिश की। लेकिन किसानों के आक्रोश को देखते हुए तीन घंटे बाद सभी भाजपाइयों को पिछले दरवाजे से बाहर निकालकर धरना समाप्त करवाया गया।

इससे पहले ऑल इंडिया किसान फेडरेशन के प्रधान प्रेम सिंह भंगू सहित कई अन्य किसानों ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा नेता किसानों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं। खेती कानूनों से किसान ही नहीं पंजाब का हर वर्ग बर्बाद होगा। इसके विरोध में किसान आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा नेता अपने ही कार्यकर्ताओं को किसान बताकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जो किसानों के विरोध का मजाक उड़ाने के समान है।

 

उन्होंने मांग की है कि जब तक भाजपा नेता भरोसा नहीं देंगे कि कृषि कानूनों को वापस लिया जाएगा, तब तक सियासी गतिविधियां नहीं होने देंगे। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा नेताओं का ऐसे ही घेराव जारी रहेगा और किसी भी भाजपा नेता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान संग किसानों ने की बातचीत

नए कृषि कानूनों के खिलाफ 24 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों की शंकाएं दूर करने और उनके सवालों के जवाब देने के लिए शनिवार को जैन सभा में भाजपा जिला अध्यक्ष विकास शर्मा की अगुवाई में केंद्रीय पशुपालन कल्याण मंत्री संजीव बालियान ने किसानों के साथ पहली वर्चुअल बैठक की। इस मीटिंग में 12 से ज्यादा किसान बुलाए गए। इनमें अधिकतर भाजपा से जुड़े हुए थे। इसके बावजूद वह इन किसानों को संतुष्ट नहीं कर पाए।

किसानों की तरफ से पूछ गए चार सवालों के जवाब में संजीव बालियान ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार रहने तक एमएसपी और मंडीकरण खत्म नहीं होगा। मंडियां जैसे चल रही हैं, वैसे ही चलती रहेंगी। किसान की जमीन छीनने संबंधी जो भ्रांतियां विरोधी फैला रहे हैं, उनमें कोई दम नहीं है।

किसान जमीन को अपनी मां का दर्जा देते हैं। नए कानूनों से किसान की जमीन को कोई खतरा नहीं है। कुछ लोग भ्रम पैदा कर रहे हैं। किसी किसान को अपना पक्ष कोर्ट तक ले जाने की मनाही नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों के पास सभी विकल्प खुले हैं। किसी पर कोई रोक नहीं है। वहीं आढ़तियों के सुझाव के बारे में उन्होंने कहा कि वह बातचीत कर इसका निवारण करेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें