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Punjab: नार्को आतंकवाद मामले में आरोपी वरिंदर सिंह की संपत्ति कुर्क करने का आदेश, 2020 में दर्ज हुआ था मामला

Thu, 31 Aug 2023 09:57 PM IST
आकाश दुबे पीटीआई, पंजाब

सार

मामले की जांच से पता चला कि वरिंदर चहल दुबई स्थित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल जसमीत सिंह हकीमजादा का करीबी सहयोगी था और पाकिस्तान स्थित केएलएफ के प्रमुख हरमीत सिंह का भी करीबी मददगार है।
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एनआईए (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
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विस्तार
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मोहाली की एक विशेष अदालत ने 2019 में हेरोइन और नशीली दवाओं की जब्ती के मामले में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख के एक करीबी की संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया है। बुधवार को विशेष अदालत ने कठोर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत कुर्की करने का आदेश दिया है। जिसमें आरोपी वरिंदर सिंह चहल की अमृतसर पंजाब के देवीदासपुरा गांव में स्थित 24 कनाल, 14 मरला और चार सरसाई संपत्ति शामिल है। 

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अधिकारियों के मुताबिक, इसे नार्को टेरेरिज्म पर एनआईए की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। चहल 22 जनवरी, 2020 को एनआईए द्वारा दर्ज एक मामले में आरोपी है, जो 2019 में चहल और दो अन्य आरोपियों जगबीर सिंह समरा और हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी से 500 ग्राम हेरोइन और 1.20 लाख रुपये की ड्रग मनी की जब्ती से संबंधित है।

एनआईए अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच से पता चला कि वरिंदर चहल दुबई स्थित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल जसमीत सिंह हकीमजादा का करीबी सहयोगी था और पाकिस्तान स्थित केएलएफ के प्रमुख हरमीत सिंह का भी करीबी मददगार है। आरोप है कि चहल ने केएलएफ नार्को-आतंकवादी मॉड्यूल के हिस्से के रूप में हकीमजादा और हरमीत सिंह के निर्देश पर कश्मीरी ड्रग-डीलरों से हेरोइन की खेप जुटाई।

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