पंजाब में चल रहे एनएचएआई के प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी गडकरी की ओर से बीते दिनों प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए पंजाब सरकार को चिट्ठी लिखी थी। इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को जवाब देते हुए कहा कि हर बात पर पंजाब के लॉ एंड ऑर्डर पर बोलना गलत बात है।
पंजाब में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) प्रोजेक्टों को लेकर अब सियासत गर्माने लगी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार को करीब पौने तीन साल हो गए हैं। इस बीच प्रदेश के किसी भी जिले या कस्बे में दंगा या कर्फ्यू नहीं लगा। हरियाणा के नूंह में चार महीने तक कर्फ्यू रहा और यूपी में भी यही हालात हैं।
विज्ञापन
सीएम ने कहा कि पंजाब को लेकर कोई भी बात होती है तो हर बात में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। मान का इशारा एनएचएआई प्रोजेक्ट मामले में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से बीते दिनों प्रदेश के लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देते हुए लिखी चिट्ठी की ओर था। सीएम ने कहा कि जालंधर और लुधियाना में दो मामले सामने आए थे, दोनों में ही एनएचएआई के अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच का आपसी विवाद था।
वहीं, एनएचएआई के प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ने में जहां किसानों को लेकर विरोध की जो बात सामने आ रही है, वहां किसान अपनी जमीन अधिग्रहण के एवज में उचित मुआवजे को लेकर मांग कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि केंद्र और एनएचएआई के अधिकारियों को यह बात समझने की जरूरत हैं कि पंजाब की जमीन का मूल्य ओडिशा और बिहार के जमीन के तर्ज पर नहीं लगाया जा सकता। ओडिशा और बिहार में पांच लाख रुपये का एकड़ हैं तो पंजाब में 50 लाख का। सीएम ने कहा कि जो किसान विरोध कर रहे हैं उनको समझाकर उनकी समस्या का हल करने का प्रयास किया जा रहा है।