मोहाली। सेक्टर-69 स्थित जिला प्रशासन और समाजसेवी संस्था के सहयोग से शुरू किया गया कोविड केयर सेंटर अपने जिले के ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों के लोगों के लिए भी वरदान सिद्घ हो रहा है। कई मरीज जो कि महंगे निजी अस्पतालों अपना इलाज नहीं करवा सकते, वे मोहाली के कोविड सेंटर में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। हालांकि एक सेंटर में आ रही फोन कॉल्स से यह भी साफ हो रहा है कि कोरोना समेत अन्य गंभीर बीमारियों से ज्यादा सामान्य संक्रमण वाले लोग अधिक डरे हुए हैं। वह संक्रमित होने पर भावात्मक रूप से कमजोर पड़ गए हैं। ऐसे में खुद को फिट रखने के लिए हर सहारा लेना चाहते हैं।
मोहाली के सेक्टर-69 में समाज सेवी संस्था सर्वे ह्यूमैनिटी सर्वे गॉड चैरिटेबल ट्रस्ट से मिली जानकारी के मुताबिक मोहाली के साथ लगते जिलों से भी मरीज मोहाली आ रहे हैं। लगातार उनके पास फोन कॉल्स आ रही हैं और कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें कोविड नहीं है, लेकिन ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा है। वीरवार की रात खन्ना शहर से एक मरीज को लाया गया था। जिसका ऑक्सीजन लेवल बहुत कम था। ऐसे में तीन घंटे तक मरीज का संस्था की ओर से उपचार किया गया। मरीज के होश में आने पर उसे खन्ना वापस भेजा गया। कुछ ऐसे भी मरीज हैं जो निजी अस्पतालों में भर्ती होने के बावजूद अस्पताल की फीस न भर पाने के कारण कॉल करके पहुंच रहे हैं।
मोहाली के सेक्टर-69 में समाज सेवी संस्था सर्वे ह्यूमैनिटी सर्वे गॉड (एसएचएसजी) चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से खोले गए कोविड केयर सेंटर को मोहाली के लोगों की ओर से भी पूरा सहयोग दिया जा रहा है। इस समय कोविड केयर सेंटर में 25 बेड की सुविधा दी गई है। इसमें से 18 बेड पर मरीज भर्ती हैं। 15 मरीज ऑक्सीजन सिलिंडर पर हैं। इनमें से ज्यादा मरीज दूसरे शहरों से हैं, वहीं इस संस्था का नेतृत्व कर रहे स्वर्णजीत सिंह ने बताया कि रविवार को भी हमारी टीम को हजारों फोन कॉल आए हैं।
मरीजों के लिए काढ़ा, नारियल पानी और रोटी का पूरा इंतजाम
स्वर्णजीत सिंह ने बताया कि कोविड सेंटर में कई अन्य समाज सेवी संस्थाएं और लोग सहयोग कर रहे हैं। सेंटर में तीन समय मरीजों को खाना दिया जा रहा है। फ्रेंड्स ऑफ फॉरएवर की ओर से आयुर्वेदिक काढ़ा दिया जा रहा है। वहीं कंपनी फूड आर्ट की सुमिता अरोड़ा की ओर से दोपहर का खाना दिया जाता है। जिसमें दाल हरी सब्जी, चावल, सलाद, और रोटी आदि घर की बनी हुई दी जाती हैं।
इसके साथ ही एक ओर संस्था है जो हमें रात का खाना देकर जाती है। खाना ज्यादा होने पर हम गरीब लोगों को बांट देते हैं। सुबह एक महिला हमारे पास फल और खिचड़ी पहुंचाती हैं। साथ ही मरीजों को नारियल पानी भी दिया जा रहा है, फल की मात्रा ज्यादा होने से फलों को आसपास के बच्चों को बांट दिया जाता है।