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नगर परिषद के नोटिस बोर्ड ने बढ़ाई विकास नगर के लोगों की चिंता, लिखा- पास नहीं किए जाएंगे नक्शे

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नयागांव। शहर के विकास नगर में खसरा नंबर 232 में नगर परिषद की ओर से लगाए गए नोटिस बोर्डों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बोर्डों पर आदेश में साफ लिखा है कि इस इलाके में कोई निर्माण न करें। नगर परिषद की ओर से इस इलाके के नक्शे पास नहीं किए जाते हैं। जबकि इलाके में पहले से लोग घर बनाकर रह रहे हैं। इतना ही नहीं कई लोगों ने प्लॉटों की नई रजिस्ट्री तक करवाई है। ऐसे में लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि उनका क्या होगा।
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लोगों का कहना है कि वह प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर अन्य अदायगी नगर परिषद को करते हैं। यहां तक कि बिजली और पानी के स्थायी कनेक्शन लिए हुए हैं। इस नोटिस से वह आफत में आ गए हैं। जल्द ही वह इस मामले में नगर परिषद के अधिकारियों से लेकर डीसी तक मिलेंगे। अगर मामले में कोई हल नहीं निकला तो हाईकोर्ट जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
जानकारी के मुताबिक यह इलाका काफी समय पहले बसना शुरू हो गया था। इस इलाके की गलियों को नगर परिषद ने टाइल लगाकर पक्का करवाया है। इलाके के लोग नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा कराते हैं और नगर परिषद ने लोगों के मकानों पर नंबर भी लगा रखे हैं।
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इस पर लोगों का कहना है कि अगर यह सरकारी जमीन है तो सरकार ने हमारे नाम पर इसकी रजिस्ट्री कैसे करने दी। सरकार हमसे संपत्ति कर कैसे ले सकती है।
लोगों का कहना है कि हमने अपनी मेहनत की कमाई से प्लॉट खरीदे हैं। जहां पर हम निर्माण कार्य करना चाहते हैं। जबकि नगर परिषद ने नया आदेश पारित कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। जबकि इस इलाके में करीब 1500 घर बने हुए हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी जगजीत सिंह शाही ने कहा कि कल ऑफिस में रिकॉर्ड देखकर सही जवाब दिया जाएगा।
2009 में बनाया था मकान
इलाका निवासी बी.आर. सोनम का कहना है कि उन्होंने 2009 में इस इलाके में मकान बनाया था। उस समय आसपास का इलाका खाली था, अगर यह सरकारी जमीन है तो सरकार ने इतने मकान कैसे बनने दिए।
अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी
विकास नगर निवासी अरुण बधान का कहना है कि नगर परिषद के नोटिस बोर्ड को जल्द हटाया जाए। अगर नहीं हटाए तो हम हाईकोर्ट जाएंगे। क्योंकि नगर परिषद ने इस प्रकार का कोई आदेश जारी नहीं किया है। इस इलाके में निर्माण कार्य पर रोक क्यों लगाई है।
आम लोगों का ध्यान रखा जाए
स्थानीय निवासी गणेश शर्मा ने कहा कि सरकार को छोटे-छोटे मकान मालिकों को परेशान करने के बजाय उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए जिन लोगों ने इस जमीन को बेचकर मोटी कमाई की है। इस मामले में लोगों का ध्यान रखा जाए।
लोगों के साथ हो रही धक्केशाही
नीरज वशिष्ठ ने कहा कि नगर परिषद को इलाके के लोगों के नक्शे पास करके इलाके के विकास पर ध्यान देना चाहिए। इस प्रकार लोगों को परेशान करना गलत है। अगर सरकार ने निर्माण कार्य पर रोक के आदेश दिए हैं तो वह आदेश सार्वजनिक करने चाहिए। लोगों के साथ ऐसे धक्केशाही नहीं करनी चाहिए।
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