शहर में पानी का संकट गहरा गया है। आम आदमी से लेकर वीवीआईपी तक सभी परेशान हैं। इसके बावजूद अब तक जंडपुरा में कजौली से आने वाली नई लाइन के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। इस कारण लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
जलसंकट को गंभीरता से लेते हुए पार्षद कुलजीत सिंह बेदी भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गमाडा ने जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वह मामले को हाईकोर्ट लेकर जाएंगे। इसके साथ ही जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ बनती कार्रवाई की मांगे करेंगे।
बेदी ने कहा कि कजौली वाटर वर्क्स से गांव जंडपुरा तक पाइप बिछाने के लिए 156 करोड़ रुपये का काम कंपनी को दिया गया था। इसके बाद जंडपुरा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना था। कई साल बीतने के बाद भी गमाडा ने जंडपुरा में ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया है। इसके लिए गमाडा मैनेजमेंट जिम्मेदार है।
पार्षद ने बताया कि इससे पहले उन्होंने पानी के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में लोकहित में याचिका दायर की थी। इसके बाद शहर को अपना हक मिल पाया था। गमाडा की आरे से लाखों रुपये की लागत से 5वीं व छठी लाइन डाली गई थी। अगर यह काम सही तरीके से चलता तो अब तक मोहाली निवासियों को बिना किसी रुकावट के पानी मिल रहा होता। लेकिन गमाडा व प्रशासन की लापरवाही के कारण अब तक जंडपुरा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाया पाया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो आने वाले समय में पानी की समस्या और बढ़ जाएगी। जिक्रयोग है कि मंगलवार 21 जून के अंक में अमर उजाला ने सांसद के घर की पानी की टंकी सरकारी वाटर टैंकर से भरवाने की खबर को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद जिले में जलसंकट का मामला गरमा गया है। कांग्रेसी पार्षद कुलजीत सिंह सामने आ गए हैं।
चालीस एमीडी पानी हुआ नसीब
बेदी ने कहा कि उन्होंने मोहाली शहर के लोगों की भलाई के लिए अदालत में लंबी लड़ाई लड़ी। इसके बाद शहर को 40 एमजीडी पानी दिलाने में सफलता मिली। लेकिन अब गमाडा के अधिकारी इससे पीछे हट रहे हैं।