मोहाली। कोरोना काल में लोगों की सेवा करने वाली यूनाइटेड सिख संस्था अब पंजाब समेत पूरे देश में पढ़ाई करने आए अफगान छात्रों की मदद के लिए आगे आई है। संस्था जरूरतमंद अफगान छात्रों को न केवल वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि नैतिक समर्थन भी दे रही है। संस्था छात्रों को तालिबान शासन के कारण समस्या ग्रस्त देश में रह रहे उनके परिजनों से जुड़ने, उनके पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया में भी मदद कर रही है।
यह जानकारी बुधवार को संस्था की ओर से प्रेस कांफ्रेंस में दी गई। इस मौके पर यूनाइटेड सिख संस्था पंजाब के निदेशक गुरप्रीत सिंह ने बताया कि हम भारत में शिक्षा प्राप्त कर रहे जरूरतमंद अफगानी छात्रों की मदद कर रहे हैं। यूनाइटेड सिख दुनिया में कहीं भी रहने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। हमने कुछ अफगानी छात्रों को साथ लेकर वित्त मंत्री मनप्रीत बादल से मुलाकात की। ये छात्र सरकार से आर्थिक सहयोग मांग रहे हैं, क्योंकि अफगानिस्तान में उनके परिवार वाले उन्हें फीस, भोजन या आवास के लिए आवश्यक धन भेजने की स्थिति में नहीं हैं। हम इस संबंध में अन्य गैर सरकारी संगठनों से भी समर्थन मांग रहे हैं।
संस्था के वरिष्ठ सदस्य जसजीत सिंह ने कहा यूनाइटेड सिख भारत में कहीं भी पढ़ रहे जरूरतमंद अफगानी छात्रों की मदद के लिए तैयार है। हम पंजाब में ऐसे किसान परिवारों को भी मदद पहुंचा रहे हैं, जिन्होंने किसान आंदोलन के बीच अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि यूनाइटेड सिख संगठन अफगानी छात्रों और किसानों की हर संभव मदद कर रहा है। इतना ही नहीं, एनजीओ किसी भी तरह की जनसेवा के लिए हमेशा तैयार रहती है। अफगानिस्तान के एक गुरुद्वारे पर हुए हमले के वक्त सिख परिवारों को वहां के लोगों से मदद मिली थी।