मोहाली। अस्थायी अध्यापकों, मनरेगा मुलाजिमों और आशा वर्कर्स के बाद अब बेरोजगार स्टैनो टाइपिस्टों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बेरोजगार स्टैनो यूनियन के बैनर तले सैकड़ों बेरोजगार सोमवार को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के मुख्यालय के सामने जमा हुए। इन्होंने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की। ये लोग पंजाबी स्टैनो टाइपिस्ट की भर्ती जल्द निकाले जाने की मांग कर रहे हैं।
चुनावों से पहले मोहाली धरने-प्रदर्शनों का गढ़ बनता जा रहा है। अब बेरोजगार स्टैनो यूनियन के बैनर राज्य के सैकड़ों बेरोजगारों ने पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ये सभी सोमवार को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड यानि पीएसएसएसबी मुख्यालय के बाहर जमा हुए और धरना दिया। यूनियन ने भर्ती निकाले जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। यूनियन के नेताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि भले ही हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, लेकिन सही मायनों में आजादी अभी नहीं मिली है। वक्ताओं ने पंजाब की कैप्टन सरकार पर भी निशाना साधा। वक्ताओं ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कई संस्थान स्टैनो टाइपिस्ट की मुफ्त ट्रेनिंग दे रहे हैं। लेकिन जब सरकार को भर्ती निकालनी ही नहीं तो फिर ट्रेनिंग देने का क्या फायदा। वक्ताओं ने पंजाब सरकार के घर-घर रोजगार के वादे को भी खोखला करार दिया। यूनियन के नेताओं ने बताया कि इसी वर्ष 23 जून को बोर्ड कार्यालय के सामने धरना दिया गया था। तब बोर्ड अधिकारियों ने मांग पत्र ले बोर्ड चेयरमैन से बैठक करवाने का भरोसा दिया था। 2 जुलाई को बोर्ड चेयरमैन रमन बहल और सचिव अमनदीप बांसल के साथ यूनियन की बैठक हुई। जिसमें चेयरमैन रमन बहल ने कहा था कि राज्य के अलग-अलग विभागों में 300 पंजाबी स्टैनो टाइपिस्ट के पद रिक्त हैं। जिन्हें पुर्नगठित कर 15 दिन के भीतर नई भर्तियां जुलाई के अंत तक निकाली जाएंगी। जबकि अगस्त का भी खत्म होने वाला है, लेकिन अभी तक स्टैनो की भर्तियां नहीं निकाली गईं। यूनियन के नेताओं ने कहा कि जब तक भर्तियां नहीं निकाली जातीं, तब तक धरना जारी रहेगा।