मोहाली में हमले में इस्तेमाल रॉकेट लांचर
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मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया दफ्तर पर रॉकेट लॉन्चर से हुए हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां काफी उलझ गई हैं। हमले में जिस तरह के रॉकेट लॉन्चर का प्रयोग हुआ है वह रूस से बना हुआ लग रहा है। इसकी फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। हालांकि अधिकारी अभी मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अब तक पंजाब में पकड़े गए हथियारों का लिंक पाकिस्तान और चीन से जुड़ता रहा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी हथियार का लिंक रूस से जुड़ा हो।
दो किलोमीटर दूर था बीएसएफ का मुख्यालय
पंजाब पुलिस के खुफिया दफ्तर पर जिस जगह हमला हुआ है उससे दो किलोमीटर की दूरी पर भारतीय सीमा सुरक्षा बल का कैंपस व मुख्यालय भी है। इसके अलावा भारतीय सेना को नौ साल में डेढ़ सौ से ज्यादा जवान देने वाला महाराजा रणजीत सिंह संस्थान भी इस इमारत से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित है जहां पर कैडेट रहते हैं। यहां पर सुबह ही कैडेट्स की ट्रेनिंग शुरू हो जाती है।
सेना की भी पैनी नजर
सूत्रों के अनुसार सेना भी इस मामले पर नजर रख रही है क्योंकि मोहाली जिले को बने हुए 17 साल हो गए हैं लेकिन कभी इस तरह की वारदात नहीं हुई हालांकि आतंकी जरूर पकड़े जाते रहे हैं।