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मोहाली जिले में डेंगू से दो महिलाओं की मौत, 30 नए केस आए सामने

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मोहाली। वीआईपी जिले में डेंगू का संकट पूरी तरह से गहराया हुआ है। मंगलवार को डेंगू संदिग्ध दो महिलाओं की मौत हो गई। दोनों ही महिलाएं गांव मटौर की रहने वाली थीं। वहीं डेंगू के 30 नए मरीज सामने आए हैं। साथ ही जिले में डेंगू से जान गंवाने वाली की संख्या का आंकड़ा 26 पर पहुंच गया है। जिला सेहत विभाग की ओर से लोगों को हिदायत दी गई है कि डेंगू के मच्छर से बचने के लिए वह पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। साथ ही घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
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जानकारी के मुताबिक पहले से ही कोरोना महामारी के साथ अब पिछले एक महीने से सेहत विभाग डेंगू से भी जंग लड़ रहा है। डेंगू के मरीज ग्रामीण एरिया की अपेक्षा शहरी एरिया में अधिक है। बलौंगी, फेज-सात, मटौर, फेज-तीन और चार यहां पर सबसे ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। इन्हें मोहाली शहरी एरिया के हाई रिस्क जोन की कैटेगरी में रखा गया है। जबकि जीरकपुर में ढकोली और बलटाना में स्थित रिहायशी सोसाइटी हाई रिस्क एरिया में शामिल हैं। क्योंकि वहां पर घनी आबादी होती है। साथ ही शहर में अपार्टमेंट्स होने की वजह से ज्यादा लोग संक्रमित हैं। इसी तरह डेराबस्सी में भी हाई रिस्क एरिया की पड़ताल सेहत विभाग की टीम कर चुकी है। लोगों को डेंगू से बचाने के लिए उचित इलाज मिले, इस बात को पुख्ता बनाने के लिए उचित प्रबंध किए जा रहे हैं। फेज-6 स्थित जिला सिविल अस्पताल में 70 बेड का स्पेशल डेंगू वार्ड गठित किया गया है। इसके अलावा निजी अस्पतालों को भी साफ हिदायत दी गई गई है कि जो भी डेंगू मरीज आता है, उसे इलाज मुहैया करवाया जाए। इतना ही नहीं प्रशासन द्वारा अपनी वेबसाइट पर अस्पतालों में मौजूद बेड की जानकारी अपलोड की जा रही है, ताकि मरीजों को परेशानी न उठानी पड़े।
पांच दिन में आए 373 नए केस
जानकारी के मुताबिक जिले में डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 2221 पहंच गई है। इस महीने में अब तक 1850 केस सामने आ चुके हैं। पिछले पांच दिन में 373 केस डेंगू के सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन उचित सुविधाएं मुहैया नहीं करवा पा रहा है। जबकि सेहत विभाग का कहना है कि स्थिति काबू में है।
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