मोहाली। कड़ाके की ठंड में कोई भी व्यक्ति सड़क किनारे फुटपाथ पर रात न गुजारे इसके लिए शहर में नगर निगम द्वारा तीन रैन बसेरे बनाए गए हैं। इनमें एक स्थायी और दो अस्थायी हैं। रैन बसेरों में सुविधा के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यही कारण है कि रैन बसेरे जरूरतमंद के अलावा प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए आने वाले युवा, नामी अस्पतालों में इलाज करवाने आए मरीजों के तीमारदारों का सहारा बने हुए हैं। रैन बसेरे लोगों की पहुंच को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, ताकि लोगों पहुंचने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर गिगम द्वारा फेज-छह में एक स्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। जबकि, दो रैन बसेरे फेज-1 फायर ऑफिस और 11 में बनाए गए हैं। फेज-छह में स्थायी रैन बसेरा बनाया गया है, जोकि एक कैंपस के अंदर है। यहां तीन से चार कमरों में 42 बेड की सुविधा है। महिलाओं के लिए एक कमरा है, ताकि महिलाओं की प्राइवेसी सुरक्षित रहे। सीसीटीवी कैमरे से लेकर अन्य सुरक्षा इंतजाम पूरे हैं। इसके अलावा रैन बसेरे में महिला व पुरुष दो लोगों की तैैनाती रहती है। पीसीआर पार्टी भी गेट पर तैनात रहती है।
बिना आधार कार्ड रैन बसेरे में प्रवेश नहीं
स्थायी रैन बसेरे में प्रवेश के लिए नियम सख्त हैं। जो भी व्यक्ति वहां पर ठहरना चाहता है उसका रिकॉर्ड रखा जाता है। व्यक्ति से उसके आधार कॉर्ड की फोटो कॉपी ली जाती है। हालांकि, पुलिस व अन्य एजेंसियां जिन लोगों को छोड़कर जाती हैं, उन्हें जरूर रखा जाता है। लोगों की सुविधा के लिए रैन बसेरे के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया।
रैन बसेरे में रसोई और बर्तन की सुविधा
रैन बसेरे में आने लोग यदि खुद खाना बनाना चाहते है तो इसकी भी सुविधा है। यहां एक रसोई घर भी बनाया गया है। जहां से बर्तन और सामान लेकर लोग खाना बना सकते हैं। इसके अलावा अन्य सारी सुविधाएं हैं। लोगों की सुविधा के लिए फोन नंबर-9592205366 भी शुरू किया गया है, जिस कॉल करके जानकारी ली जा सकती है।
रैन बसेरे अच्छी हालात में है
मोहाली नगर निगम के रैन बसेरों में अच्छे इंतजाम है। मूलभूत सुविधाएं मिल जाती है। ऐसे में बाहर से आने वाले लोग यहां ठहरना पसंद करते हैं। -अभिषेक पराशर
लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए
नगर निगम के रैन बसेरे अच्छी हालात में हैं। इन्हें अकाली भाजपा-सरकार के समय में बनाया गया था। जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। -अशोक झा
कोट्स
शहर में एक स्थायी और दो अस्थायी रैन बसेरे चलाए जा रहे हैं। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति उन्हें प्रयोग कर सकता है। सरकार द्वारा रैन बसेरों को लेकर जो गाइड लाइन है उनका पालन किया जाता है। शहर में अलाव जलाने संबंधी कोई आदेश नहीं हैं। इससे पॉल्यूशन का भी खतरा रहता है।
- डॉ. कमल कुमार गर्ग, आयुक्त नगर निगम मोहाली।