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गुरुद्वारा नाभा साहिब के मैनेजर की मौत मामले में तीन गिरफ्तार

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जीरकपुर। पटियाला रोड पर स्थित एतिहासिक गुरुद्वारा नाभा साहिब में शुक्रवार को मैनेजर रणजीत सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में अवतार सिंह नगला वासी नगला, सुखविंदर पाल सिंह पटवारी वासी मानसा व रविंदर पाल वासी मानसा को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 447, 506, 295-ए व 34 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
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पुलिस को दी गई शिकायत में शमशेर सिंह ने बताया कि वह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर की ओर से गुरुद्वारा नाभा साहिब में स्टोरकीपर की सेवा कर रहा है। पटवारी सुखविंदर पाल सिंह ने गुरुद्वारा नाभा साहिब में कमरा नंबर-चार दो दिन के लिए लिया था लेकिन बाद में उसे खाली नहीं किया। लगभग दो महीने से अवतार सिंह नगला भी उनके साथ ही रह रहा था। सुखविंदर पटवारी ने कमरे में अपना दफ्तर बनाया हुआ था। वह बहाने से लोगों को बुलाकर उनके काम करता था और गुरुद्वारा साहब की मर्यादा को भंग कर रहा था। गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर रणजीत सिंह को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने पटवारी से कमरा खाली करने के लिए बोला तो अवतार नगला और पटवारी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को शिकायत कर दी कि गुरुद्वारा नाभा साहिब के मैनेजर ने उनसे जबरदस्ती कमरा खाली करवाया है।
मामले की जांच के लिए गुरुद्वारा नाभा साहिब में एसजीपीसी मेंबर सरब दयाल सिंह आए थे। जब वह मैनेजर के कमरे में बैठकर जांच कर रहे थे तो वहां तीन व्यक्ति आए। उन्होंने मैनेजर से कहा कि उन्होंने सुखविंदर पटवारी से मिलना है जो कमरा नंबर-दो में ठहरा हुआ है। इसके बाद वह कमरे में गए तो वहां कोई ओर यात्री रुका हुआ था। इसके बाद वह बाहर आए तो पार्किंग में पीपल के पेड़ के नीचे सुखविंदर पटवारी, उसका लड़का रविंदरपाल व अवतार नगला खड़े थे। जब मैनेजर रणजीत सिंह उनसे बात करने गए तो उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज करनी शुरू कर दी और गुरुद्वारा साहिब के बारे में अपशब्द बोलने शुरू कर दिए। इसके चलते तीनों ने मैनेजर रणजीत सिंह को धक्का देकर नीचे गिरा दिया। वह बेहोश हो गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सीसीटीवी में गिरता हुआ दिखाई दिया मृतक
सीसीटीवी में बहस होती दिखाई दे रही है और हल्की हाथापाई भी नजर आ रही है। जिस समय मृतक रणजीत सिंह नीचे गिरते हैं, उस समय कोई धक्कामुक्की सीसीटीवी में दिखाई नहीं दे रही है, बल्कि बहस होती हुई नजर आ रही है। पुलिस इस मामले में किस तरह मामले की जांच करती है, यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
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