मोहाली। नशा तस्करी के मामले में जिला अदालत ने तीन नशा तस्करों को 15 और एक अन्य को 10 साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और बचाव पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और दलीलों की समीक्षा के बाद यह फैसला सुनाया है।
यह मामला साल-2021 का है, जब एनसीबी ने चारों आरोपियों को करीब 21 किलो हशीश (घटिया क्वालिटी की अफीम) के साथ पकड़ा था। इस मामले में अदालत ने दोषियों में देस राज, विजय और पुष्प राज को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 20 (सी), 28 और 27ए के तहत दोषी ठहराया, उन्हें 15 साल कैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस बीच यशवंत उर्फ रितिक को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20 (सी) के तहत दोषी ठहराया और 10 साल कैद की सजा सुनाई गई। इसके साथ एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न भरने की स्थिति में सभी चार दोषियों को छह महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। मामले के विवरण के अनुसार, एनसीबी ने देस राज और यशवंत उर्फ रितिक से 21.370 किलोग्राम हशीश जब्त की थी।
इस जांच में पता चला कि पुष्प राज देस राज के साथ मिलकर तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल था, जबकि विजय ने नशीली दवाओं के वितरण की साजिश और सुविधा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह फैसला न्यायपालिका द्वारा नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है, जो अवैध पदार्थों की तस्करी के गंभीर परिणामों पर जोर देता है। अधिकारियों ने नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों का मुकाबला करने और कानून के सख्त प्रवर्तन को सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।