फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप, प्रवेश प्रतिबंधित

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। न्यायिक अदालत परिसर को सोमवार को एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिली। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय को 21 सितंबर को दोपहर करीब 1:11 बजे यह धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इसके बाद एहतियात के तौर पर अदालत परिसर में आम लोगों का प्रवेश तुरंत प्रतिबंधित कर दिया गया। इससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आदेश के अनुसार, केवल पुलिस और आरोपी पक्ष को ही अदालत परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मचारियों को प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह जांच करने के निर्देश मिले। पुलिस ने पूरे न्यायिक परिसर की तलाशी और कीटाणुशोधन किया। प्रक्रिया पूरी होने तक किसी को अंदर जाने नहीं दिया गया। अदालतों में कामकाज पुलिस की सुरक्षा मंजूरी के बाद ही शुरू हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सेशन डिवीजन में तैनात सभी न्यायिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए थे। उन्हें अपने कार्यालय स्टाफ, व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी और नायब कोर्ट को भी अतिरिक्त सतर्क रखने को कहा गया। किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय को देने के निर्देश थे। आदेश की प्रति जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला अभियोजक और बार एसोसिएशन को भी भेजी गई। बम निरोधक दस्ते को तलाशी में कुछ नहीं मिला, जिसके बाद कामकाज सामान्य हुआ।
विज्ञापन

इस साल जनवरी और अप्रैल की धमकियां
मोहाली अदालत परिसर को इस साल बम से उड़ाने की धमकी का यह पहला मामला नहीं है। 8 जनवरी 2026 को भी मोहाली जिला अदालत परिसर को ईमेल के जरिये बम धमाके की धमकी मिली थी। उस समय पुलिस ने अदालत परिसर खाली करवाकर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से तलाशी अभियान चलाया था। 6 अप्रैल 2026 को मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी के न्यायिक परिसरों को भी ईमेल से धमकी मिली। तीनों परिसरों को खाली करवाकर पुलिस और बम निरोधक टीमों ने तलाशी ली थी। बाद में इन धमकियों को फर्जी पाया गया था।
जून में भी प्रतिबंधित था प्रवेश
1 जून को मिले धमकी भरे ईमेल के बाद 3 से 5 जून तक मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी अदालत परिसरों में आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। पुलिस और तोड़फोड़ विरोधी टीमों ने जांच के बाद कार्रवाई दोबारा शुरू की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। यह धमकी भी ईमेल के जरिये ही मिली थी। इन घटनाओं ने न्यायिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।
विज्ञापन



लुधियाना अदालत को भी मिली थी धमकी
12 सितंबर को लुधियाना जिला एवं सत्र न्यायालय को भी बम धमाके की धमकी वाला ईमेल मिला था। ईमेल में दोपहर 1:11 बजे धमाका करने की बात कही गई थी। ईमेल भेजने वाले ने खुद को कुछ प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ा होने का दावा किया था। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने अदालत परिसर की तलाशी ली थी, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। 21 सितंबर को मोहाली कोर्ट को मिली ताजा धमकी में ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या ईमेल पहचान का विवरण नहीं दिया गया है।



किसी भी संभावित खतरे का पता लगाने के लिए कॉम्प्लेक्स के कोने-कोने की तलाशी ली गई। हालांकि, दो घंटे के तलाशी अभियान के बाद पुलिस ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स को सुरक्षित घोषित कर दिया। इसके बावजूद, कोर्ट कॉम्प्लेक्स में पुलिस की नियमित सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया। - सौरभ जिंदल, एसपी इन्वेस्टिगेशन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें