मोहाली। जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमितों के बाद जिला प्रशासन की ओर से जारी की गई पाबंदियों को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने लागू करना शुरू कर दिया है। इसके चलते आरटीए में आने वाले हरेक व्यक्ति को मुंह पर मास्क और टीकाकरण की दोनों डोज होना लाजिमी कर दिया है। जबकि अधिकतर लोग बिना मास्क कार्यालय में अपने कार्यों को लेकर दाखिल हो रहे हैं, जिनकी फाइलों को अधिकारियों की ओर से क्लीयर नहीं किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक आरटीए में सोमवार से वीरवार तक दोपहिया और चौपहिया वाहन चालकों के चालान का भुगतान होता है और जिले के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आकर अपने चालान का भुगतान करने पहुंचते हैं। वहीं, वीरवार आरटीए आने वाले अधिकतर लोगों ने मास्क नहीं पहन रखा था, जिन्हें मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही टीकाकरण की दोनों डोज की जांच को लेकर अलग केंद्र बनाया गया है, जहां मौजूद कर्मचारी द्वारा टीकाकरण के दोनों डोज के सर्टिफिकेट की जांच की जाती है। सबसे ज्यादा भीड़ कामर्शियल गाड़ियों के मालिकों की ओर से टैक्स भरने वालों की होती है। जो दूर दराज के हिस्सों से आते हैं और कोविड प्रोटोकाल की पालना बिना उनकी फाइल को क्लीयर नहीं किया जा रहा। दूसरी ओर, ‘नो मास्क नो सर्विस’ का असर यह हुआ कि लोग तुरन्त बाजार पहुंचे और वहां से मास्क खरीदकर लाएं, जिसके बाद उनके चालानों का भुगतान हो सका। आरटीए में कार्यरत सेक्शन ऑफिसर दर्शन सिंह भाटिया ने कहा कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार ‘नो मास्क नो सर्विस’ को लागू कर दिया गया है और अब कार्यालय में आने वाला व्यक्ति अगर बिना मास्क आता है तो उसकी फाइल को क्लीयर नहीं किया जा रहा।