मोहाली। पंजाब सरकार ने लेक्चररों की प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नति का कोटा 50% से बढ़ाकर 75% कर दिया और इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किया। उम्मीद थी कि इस माह ही लगभग 500 से अधिक लेक्चररों को प्रिंसिपल पदों पर पदोन्नत किया जाएगा। लेकिन अब यह पता चला है कि कुछ उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार जानबूझकर पदोन्नति प्रक्रिया को रोक दिया गया है।
अधिकारियों को बताया गया कि पहले व्यक्तिगत स्तर पर शिकायतों का निपटारा किया जाए। लेक्चररों का कहना है कि इन शिकायतों का वास्तविक उद्देश्य केवल पदोन्नतियों को लटकाना है। प्रभावित लेक्चररों ने पंजाब के मुख्यमंत्री से अपील की है कि लेक्चररों से प्रिंसिपल पदों की पदोन्नतियां तुरंत की जाएं। साथ ही, गलत वरिष्ठता सूची बनाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
लेक्चररों ने कहा कि अगर नई वरिष्ठता सूची के अनुसार ही पदोन्नतियां नहीं की गईं, तो यह शैक्षणिक प्रणाली में गड़बड़ी का प्रमाण है। उन्होंने अन्य लेक्चररों को ऐसे दोहरे नीति अपनाने वाले यूनियन नेताओं से बचने की चेतावनी भी दी, जो एक तरफ पदोन्नति लटकाने में सक्रिय हैं और दूसरी तरफ प्रचार कर रहे हैं कि पदोन्नतियां जल्द होंगी।