लालड़ू। कल घग्गर में छोड़े गए बारिश के पानी से आलमगीर, टिवाना, साधनपुर और खजूरमंडी गांवों के लोगों की सांसें एक बार फिर से थम गई। घग्गर का पानी एक बार तो तटबंध से ऊपर बह गया, जिसने कुछ ही पलों में सैकड़ों एकड़ धान की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। लेकिन कुछ ही देर बाद घग्गर का जलस्तर कम हो गया जिससे लोगो ने राहत की सांस ली। गांव टिवाना के किसान जसविंदर सिंह, गुलजार सिंह टिवाना, लकी सांधापुर, जसवंत सिंह नंबरदार, गुरमीत सिंह खजूरमंडी और मेहर सिंह टिवाना व अन्य ने बताया कि घग्गर का पानी टिवाना गांव से पहले लगाए गए तटबंध को ओवरफ्लो करने लगा और निवासियों द्वारा बनाई गई अस्थायी सड़क पानी से टूट गई। इससे पानी का बहाव सीधा खजूरमंडी गांव की ओर चला गया और धान की फसल 6 से 10 घंटे तक जलमग्न रही।
सरकार घग्गर को गहरा करें तो बच सकती है फसलें
पानी के बहाव ने टिवाना और खजूर मंडी के निवासियों की 50 एकड़ जमीन में लगी धान की फसल को नष्ट कर दिया, जबकि सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल के ऊपर कीचड़ जम गया, जिससे नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार घग्गर को गहरा करें और इसके तटबंधों को मजबूत करे तो उनकी फसलें बच सकती हैं।