मोहाली। सीबीआई की विशेष अदालत ने 32 साल पुराने बलजीत सिंह के अपहरण, अवैध हिरासत और यातना देने के मामले में तत्कालीन हेड कांस्टेबल कश्मीर सिंह को दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 1991 का है, जब बलजीत सिंह के अपहरण और पुलिस हिरासत में लापता होने का आरोप सामने आया था। जांच के बाद सीबीआई ने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान कश्मीर सिंह भाग गया था, जिसके चलते उसका ट्रायल अन्य आरोपियों से अलग कर दिया गया था। सीबीआई ने नवंबर 2025 में कश्मीर सिंह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ अलग से सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई पूरी होने पर विशेष सीबीआई अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी करार दिया।
अन्य आरोपियों को भी हुई सजा
इसी मामले में 29 मार्च 2023 को विशेष सीबीआई अदालत तत्कालीन एसएचओ सूबा सिंह, दलवीर सिंह और रवेल सिंह को भी दोषी ठहरा चुकी है। अदालत ने उस समय स्पष्ट आदेश दिया था कि कश्मीर सिंह की गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण के बाद उसके खिलाफ अलग से मुकदमा चलाया जाएगा। यह आदेश उसकी फरारी को देखते हुए दिया गया था। नवंबर 2025 में गिरफ्तारी के बाद चली इस अलग कार्रवाई में अब अदालत ने उसे भी दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।