जीरकपुर। पावरकॉम एवं ट्रांसको कांट्रैक्ट इम्पलाॅइज यूनियन पंजाब के बैनर तले बिजली बोर्ड के ठेका कर्मचारियों ने संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। जीरकपुर कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष अमनिंदर सिंह, कैशियर जगमोहन सिंह और सर्कल सचिव मोहाली एकम सिद्धू ने कहा कि उनके संगठन ने पहले पंजाब सरकार के खिलाफ धरना देने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार ने कर्मचारी यूनियन को पत्र जारी कर बैठक कर मांगें रखने का आश्वासन दिया। हालांकि जब पंजाब स्तरीय संगठन ने सरकार के साथ बैठक की तो सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन सिर्फ आश्वासन ही रहा और कर्मचारियों की किसी भी मांग का समाधान नहीं हुआ। इसलिए पूरे पंजाब में ठेका मजदूरों में रोष व्याप्त है और पूरे पंजाब में बैठकें करके 21 मई को दिड़बा में परिवारों के साथ रोष प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब स्तरीय हड़ताल के आह्वान पर 20 मई की रात 12 बजे के बाद बिजली कंपनी के ठेका कर्मचारियों का पूरा काम बंद कर दिया जाएगा और सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। जब तक पंजाब सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती, तब तक यह विरोध प्रदर्शन और काम जाम जारी रहेगा। जीरकपुर में 80 प्रतिशत काम सीएचबी के ठेका श्रमिकों की ओर से संभाला जाता है। अगर आम लोगों को कोई परेशानी होती है या बिजली बंद रहती है तो इसके लिए बिजली बोर्ड की मैनेजमेंट और आप सरकार जिम्मेदार होगी, क्योंकि मजदूर लगातार अपने स्थायी रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं और पंजाब में निजी कंपनियां 12,000/14,000 रुपये में खतरनाक काम लेकर उन्हें लूट रही हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले साल आम लोगों की सेवा करते हुए 300 से अधिक कर्मियों ने अपनी जान गंवा दी, जिनके परिवारों को न तो उचित मुआवजा मिला और न ही नौकरी। इसलिए, उत्पीड़ित मजदूर कल से संघर्ष करने के लिए सड़कों पर उतरने जा रहे हैं।