जीरकपुर। पीरमुछल्ला में डायरिया फैलने के बाद सेहत विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार को पीरमुछल्ला के सुविधा केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डायरिया से पीड़ित 85 मरीजों के सैंपल लेकर लिए गए और मरीजों को दवाईयां बांटी गई। गांव नगला डिस्पेंसरी की सीएचओ डॉ. अनीता ने बताया कि सिविल अस्पताल फेज-6 से सोमवार को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम डायरिया मरीजों की जांच के लिए पहुंची थी। उन्होंने डायरिया मरीजों के स्टूल और ब्लड टेस्ट किए हैं। जबकि पानी के सैंपल के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी।
जानकारी के मुताबिक रविवार रात तक 130 मरीजों के सैंपल लिए गए थे, जबकि सोमवार दोपहर 2 बजे तक 85 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 9 ऐसे मरीज मिले हैं, जिनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें ढकोली अस्पताल में रैफर कर दिया गया है। इसके अलावा रविवार को 26 डायरिया मरीजों को पंचकूला अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, यहां उनका इलाज चल रहा है। दरअसल प्रदूषित पानी की वजह से यहां डायरिया फैला है। पिछले तीन दिन से उल्टी-दस्त की शिकायत के चलते लोग अस्पताल में उपचार के लिए आ रहे हैं। इसके अलावा कई लोग घरों में उल्टी-दस्त की वजह से बीमार पड़े हैं।
इस मामले में स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचकूला के सेक्टर- 21 की ओर से लगातार सीवर का पानी पीरमुछल्ला एरिया में छोड़ा जाता है। वहीं, जो पानी पीरमुछल्ला के घरों में सप्लाई हो रहा है उसमें दुर्गंध के अलावा मिट्टी भी आ रही है, जिससे साफ है कि वाटर सप्लाई की लाइनों में सीवरेज मिला पानी सप्लाई हो रहा है। इसी पानी को पीने से लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत है। यही पानी यहां सड़कों पर जगह-जगह जमा है। इसके साथ ही सीवर लाइनों के आसपास वाटर सप्लाई लाइनों से भी सीवरेज का पानी मिक्स हो सकता है। इसकी जांच कर जल्द ही पानी की सप्लाई सुधारने की जरूरत है।