मोहाली। ट्राइसिटी में मेट्रो परियोजना को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं, लेकिन मोहाली की जनता बुनियादी सार्वजनिक परिवहन सुविधा यानी सिटी बस सेवा से अभी तक जूझ रही है। शहर के अंदरूनी इलाकों में सार्वजनिक परिवहन का एकमात्र साधन सीटीयू की कुछ बसें हैं, जो शहर को बाहरी इलाकों से जोड़ने तक ही सीमित है। केंद्र और राज्य सरकार की मेट्रो रेल परियोजना की प्लानिंग हो रही है। राईट्स की रिपोर्ट के मुताबिक पहले फेज में मोहाली से होकर तीन प्रमुख कॉरिडोर गुजरेंगे, जिनमें एयरपोर्ट और जीरकपुर भी शामिल है। लोगों का कहना है कि रोजाना की आवाजाही के लिए सबसे पहले लोकल स्तर पर सस्ती और भरोसेमंद बस सेवा की जरूरत है। फिलहाल मोहाली का आम नागरिक ऑटो, टैक्सी या निजी वाहनों पर निर्भर है।
मोहाली में मेट्रो की चर्चा सुनने में तो अच्छी लगती है, लेकिन हमारे लिए अभी सिटी बस सेवा ज्यादा जरूरी है। रोजाना ऑफिस आने-जाने के लिए ऑटो पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे खर्च भी बढ़ता है, समय भी बर्बाद होता है। -अभय शर्मा, निवासी फेज-7
शहर के अंदर कोई लोकल बस नहीं है। सीटीयू की बसें ज्यादातर बाहर से निकल जाती हैं। अगर सरकार मेट्रो की बजाय पहले सिटी बस सेवा शुरू कर दे तो आम आदमी को सीधा फायदा मिलेगा और ट्रैफिक जाम भी काफी हद तक कम होगा। -रजत हंस, निवासी फेज़-3बी1
मैं मोहाली में अपने बच्चों के पास आई हूं। यहां देखकर हैरानी होती है कि इतने बड़े शहर में लोकल बसें ही नहीं चलतीं। ऑटो वाले मनमाने पैसे लेते हैं। मेट्रो भले ही भविष्य की योजना हो, लेकिन आज की जरूरत बस सेवा ही है। -चंद्रकला, निवासी बुलंदशहर