नयागांव (मुल्लांपुर)। मुल्लांपुर जिसे कि अब न्यू चंडीगढ़ के नाम से जाना जाता है। राज्य सरकार की ओर से इलाके के गांवों को बरसात के दिनों में बाढ़ से बचाने और सिंचाई के लिए चार डैम बनाए गए हैं। लेकिन अब यही डैम इलाके के लिए खतरे का कारण बन सकते हैं। क्योंकि पहाड़ों से आने वाले पानी के साथ जो मिट्टी बहकर आती है वह यहां पर अधिक मात्रा में जमा होने के कारण इस डेमों की पानी की क्षमता कम हो गई है। इस कारण बरसात के दिनों में पूरे इलाके में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। साथ ही पूरे साल किसानों को डैम से मिलने वाले पानी पर भी उसका असर पड़ा है।
पंजाब सरकार की ओर से इस इलाके में चार डैमों में परच्छ डैम, जयंती माजरी डैम, सिसवां डैम एवं मिर्जापुर डैम बनाए हुए हैं। इनका उद्देश्य इलाके को पहाड़ों से आने वाले तेज बहाव के पानी से बचाने के साथ-साथ पूरे साल किसानों को सिंचाई के लिए जरूरत के हिसाब से पानी उपलब्ध कराने का है। लेकिन हालात यह हैं कि इन चारों डेमों की सतह पर पानी से ज्यादा कीचड़ जमा हो रखा है। इसकी वजह यह है कि बरसात के दिनों में पानी के साथ-साथ पहाड़ों से मिट्टी भी आती है। इसके बाद यहां जमा हुई मिट्टी को निकालने के लिए विभाग की ओर से समय-समय पर खुदाई करके साफ-सफाई करवाई जाती है। लेकिन विभाग ने पिछले लंबे समय से इनमें से किसी भी डैम की सफाई नहीं करवाई है। जबकि अगले महीने ही बारिश का मौसम शुरू होने वाला है और तेज बारिश के दौरान इन डैमों में पानी ज्यादा भरने की वजह से यहां पर बाढ़ आने की संभावना बन सकती है। कुछ साल पहले हुई बारिश ने इलाके में काफी तबाही मचाई थी। उस समय भी इस चीज पर मंथन हुआ था। जिला प्रशासन की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई थी।
इस प्रकार है चारों डेमों में पानी की क्षमता
डैम क्षमता
परच्छ डैम 25 हेक्टेयर मीटर
जयंती माजरी डैम 287 हेक्टेयर मीटर
मिर्जापुर डैम 430 हेक्टेयर मीटर
सिसवां डैम 480 हेक्टेयर मीटर
2019 में भर गया था घरों में पानी
मिर्जापुर डैम में मिट्टी ज्यादा जमा होने की वजह से 2019 में घरों में पानी भर गया था। क्योंकि मिट्टी के कारण डैम में पानी की क्षमता कम हो गई थी। इस कारण बारिश के दिनों में पानी का स्तर एकदम से बढ़ गया था, इसके बाद यहां पर बढ़ा हुआ पानी गांव मिर्जापुर की तरफ ओवरफ्लो हो गया और बहकर आसपास के घरों में भर गया था। जिससे स्थानीय निवासियों का काफी नुकसान हुआ था।
जिला शिकायत निवारण कमेटी ने भी उठा था मामला
गांव मिर्जापुर के घरों में पानी भरने के बाद इस मामले को जिला शिकायत निवारण कमेटी में बड़ी गंभीरता से उठाया गया था। लेकिन उसके बाद भी विभाग की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला शिकायत निवारण कमेटी के सदस्य वसीम ने बताया कि 2019 के बाद डीसी द्वारा कमेटी की कोई मीटिंग ही नहीं बुलाई गई है। इस कारण यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। जब भी मीटिंग होगी तब इसको प्रमुखता से उठाया जाएगा। उम्मीद है कि डीसी की ओर से जल्द से जल्द कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी।
सफाई में है कई तकनीकी अड़चन
विभाग के सूत्रों की मानें तो डेमों की सफाई में कई तकनीकी अड़चन हैं। डैम के रखरखाव का और साफ-सफाई का काम मैली कंस्ट्रक्शन विभाग की ओर से किया जाता है। जबकि इससे होने वाली आमदनी जैसे कि मछली पालन, वोटिंग वह दूसरे विभाग को मिलती है। इसके अलावा डैम के अंदर जमा मिट्टी का कहीं पर इस्तेमाल नहीं होता है। ऐसे में विभाग की ओर से इसको डंप करने की भी समस्या आती है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इलाके के चारों डैमों के अंदर जमा मिट्टी का मामला विभाग के संज्ञान में है। मिर्जापुर में पिछले दिनों आई समस्या के कारण इस डैम से मिट्टी उठाने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। जैसे ही प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। -अमित सहोता, एक्सईएन, मैली कंस्ट्रक्शन डिवीजन मोहाली।