मोहाली। जिला अदालत ने सड़क हादसे के मामले में आरोपी बलविंदर सिंह की अपील खारिज कर निचली अदालत की सुनाई सजा को बरकरार रखा है। 34 वर्षीय बलविंदर सिंह ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 4 अक्तूबर 2021 में दिए फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी।
आरोपी बलविंदर सिंह के खिलाफ बनूड़ थाने में आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से गाड़ी चलाना), 338 (गंभीर चोट पहुंचाना), 304ए (लापरवाही से मौत) और 427 (नुकसान पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। 3 जून 2016 को अभियुक्त बलविंदर सिंह अपनी महिंद्रा पिकअप जीप चला रहा था। उसने पहले एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिससे उस पर सवार सुखजीत सिंह की मौत हो गई। इसके बाद जीप सड़क के गलत साइड में चली गई और एक अन्य मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार लखवीर सिंह की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई और रीना नाम की एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
निचली अदालत ने अभियुक्त बलविंदर सिंह को दोषी ठहराते हुए धारा 304ए के तहत दो साल के कठोर कारावास और विभिन्न धाराओं के तहत कुल तीन साल से अधिक की सजा सुनाई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने अपील पर सुनवाई करते हुए पाया कि प्रत्यक्षदर्शी (रीना) और शिकायतकर्ता (निर्मल सिंह) की गवाही मजबूत है। अभियुक्त की पहचान स्थापित करती है। पीड़ितों का मेडिकल और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड ने दुर्घटना में हुई चोटों और मौतों की पुष्टि की है। अपील की सुनवाई के दौरान अभियुक्त अनुपस्थित रहा और उसके वकील ने भी कोई ठोस तर्क प्रस्तुत नहीं किया, जिसके कारण गुण-दोष के आधार पर निर्णय सुनाया गया।
न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि निचली अदालत के निर्णय में कोई अवैधता या कदाचार नहीं था। अत, न्यायालय ने अभियुक्त बलविंदर सिंह की अपील खारिज कर दी और निचली अदालत के दोष सिद्धि एवं दंडादेश को बरकरार रखा। अभियुक्त को उसकी सजा पूरी करने के लिए आगे की कार्रवाई हेतु वारंट जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।