मोहाली। सरकारी सुविधाओं और बच्चों के पोषण के अधिकार की गंभीर अनदेखी का मामला पंजाब स्टेट फूड कमीशन के आकस्मिक निरीक्षण में सामने आया है। पंजाब स्टेट फूड कमीशन चंडीगढ़ ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेकर डीपीओ को औपचारिक नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट निर्देश हैं कि पूरे मामले की जांच कर सात दिन के भीतर विस्तृत ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ आयोग को भेजी जाए। कमीशन के सदस्य विजय दत्त की बलौंगी क्षेत्र में की गई सरप्राइज विजिट में पता चला कि आजाद नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की जमीन पर ताला लगाकर कब्जा कर उसे बेच दिया गया है। इस अवैध कब्जे के कारण, केंद्र की वर्कर सुमन पाल और हेल्पर कुंदन देवी को मजबूरी में यह केंद्र हेल्पर के घर से संचालित करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं केंद्र पूरी तरह से निष्क्रिय हो चुका है, क्योंकि कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को ऐसी अनिश्चित जगह पर नहीं भेज रहे हैं। इस स्थिति ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बच्चों और माताओं को मिलने वाली सुविधाओं पर सीधा असर डाला है।
पूर्व पंच लाल बहादुर ने आयोग सदस्य विजय दत्त को बताया कि यह जगह पंचायत को सौंपी गई थी। आंगनबाड़ी केंद्र के उपयोग के लिए दी गई थी। अब यह जमीन किसी ने जबरदस्ती ताला लगाकर बेच दी है। इस कारण केंद्र को बेदखल होना पड़ा। यह शिकायत स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है, जिनकी नाक के नीचे यह अवैध कार्य हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमीशन के सदस्य विजय दत्त ने तुरंत जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) निखिल से फोन पर संपर्क किया और तत्काल जांच व आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विजय दत्त ने बलौंगी के सरकारी स्कूलों और अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निरीक्षण किया और स्टाफ को एनएपएसए के सभी प्रावधानों का नियमित और पारदर्शी रूप से पालन करने के लिए सख्ती से निर्देशित किया।