शहर में कूड़ा निपटान की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। ऐसे में नगर निगम ने बलाैंगी में अस्थायी कूड़ा छंटाई और डंपिंग साइट विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह साइट श्मशान घाट के पास खाली पड़ी करीब 25 एकड़ जमीन पर बनाई जा सकती है, जो मास्टर प्लान में ‘यूटिलिटी लैंड’ के रूप में चिन्हित है और वर्तमान में गमाडा के अधिकार क्षेत्र में आती है।
यह प्रस्ताव पूर्व डिप्टी मेयर और पार्षद मंजीत सिंह सेठी ने निगम आयुक्त परमिंदर पाल सिंह के समक्ष रखा। सेठी ने कहा कि यह जमीन आबादी से दूर और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयुक्त स्थान पर है। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान में इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए चिन्हित किया गया है, इसलिए गमाडा से अस्थायी अनुमति लेकर यहां कूड़ा छंटाई और प्रोसेसिंग केंद्र स्थापित किया जा सकता है।
नगर निगम आयुक्त परमिंदर पाल सिंह ने कहा कि प्रस्ताव व्यावहारिक है और इसे गमाडा अधिकारियों के साथ जल्द चर्चा के लिए रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर को फिलहाल एक अंतरिम वेस्ट मैनेजमेंट साइट की सख्त जरूरत है, जब तक स्थायी समाधान लागू नहीं हो जाता।
दो वर्ष में कार्यशील होगा समगाैली प्लांट
डेराबस्सी के समीप समगौली में प्रस्तावित कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट को पूरी तरह कार्यशील होने में कम से कम दो वर्ष लगेंगे। प्लांट को चलाने के लिए 700–800 टन ठोस कचरा प्रतिदिन की आवश्यकता होगी, इसलिए मोहाली, राजपुरा और मंड़ी गोबिंदगढ़ सहित सभी शहरी निकायों का कचरा वहां एकीकृत रूप से भेजा जाएगा।