फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: फेज-4 में निगम ने हटाया अतिक्रमण, विरोध होने पर कमिश्नर बोले-हर हाल में होगी कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शहर की ग्रीन बेल्टों, बाजारों, फुटपाथों और किसी भी सरकारी भूमि पर किए अवैध कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम ने सोमवार से बड़े स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में की जा रही है। इसके तहत पूरे शहर में जहां-जहां अतिक्रमण मिलेगा, वहां जेसीबी चलेगी।
विज्ञापन

नगर निगम ने तीन दिन पहले ही अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी कर दिया था। सोमवार सुबह करीब दस बजे जब निगम की टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ फेज-4 में कार्रवाई करने पहुंची तो स्थानीय निवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि बाजारों और फुटपाथों पर बने बड़े-बड़े कब्जों को नजरअंदाज किया जाता है, जबकि उनके घरों के बाहर छोटी-मोटी संरचनाओं को निशाना बनाया जा रहा है। इसी विरोध के चलते कार्रवाई करीब पांच घंटे तक रुकी रही।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर दोपहर बाद नगर निगम कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति संभाली। उन्होंने निवासियों से बातचीत की लेकिन यह स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार कार्रवाई हर हाल में की जाएगी। विरोध जारी रहने के बावजूद कमिश्नर ने टीम को तुरंत अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए और जेसीबी ने काम शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान फेज-4 के कई निवासियों ने कमिश्नर के साथ बहस भी की, लेकिन निगम का रुख साफ था कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ गमाडा के सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहे ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में पूरे शहर में इसी तरह बड़े पैमाने पर अभियान जारी रहेगा और सभी अतिक्रमण बिना भेदभाव के हटाए जाएंगे।
विज्ञापन



क्या बोले निवासी
फेज 4 निवासी एडवोकेट प्रितपाल सिंह बासी,पार्षद रूपिंदर कौर रीना, पूर्व पार्षद कुलदीप कौर कंग, एनएस कलसी व अन्यों ने बताया कि नगर निगम की मनमानी और धक्केशाही के कारण लोगों को नुकसान पहुंचा है। बासी ने बताया कि गमाडा की लैंडस्केपिंग पॉलिसी के अनुसार घरों के आगे सड़क किनारे 5 फुट जगह छोड़कर पौधे, घास और पेड़ लगाने की अनुमति है, जिसकी देखभाल प्लॉट मालिक कर सकता है। यदि कोई प्लॉट मालिक यह 5 फुट जगह नहीं छोड़ता, तो गमाडा को 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है। इसके बाद ही जुर्माना लगाया जा सकता है और 30 दिन की अवधि पूरी होने के बाद ही कोई कार्रवाई शुरू की जा सकती है। लेकिन हैरानी की बात है कि किसी भी निवासी को कोई नोटिस नहीं दिया गया, जबकि अधिकांश घरों के बाहर 5 फुट से अधिक जगह खाली छोड़ी हुई है। इसके बावजूद पुलिस की मदद से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें