पहली बार शहर के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी को भी इस योजना में प्रमुखता से शामिल किया गया है। यह इलाका कई सालों से विकास की राह देख रहा था। नगर निगम के अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8, 8ए, 8बी, 9, 7, 1, 2, 3, 4, 5 और 6 में सड़क किनारे बनी ग्रीन बेल्टों का विकास, पेवर ब्लॉकों की दोबारा बिछाई, कर्ब-चैनल निर्माण तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाएंगे। लंबे समय से इन क्षेत्रों में टूटी इंटरलॉकिंग टाइलें, उखड़े पेवर ब्लॉक, क्षतिग्रस्त कर्ब और बदहाल हरित पट्टियां उद्योगपतियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थीं।
नगर निगम ने इंडस्ट्रियल एरिया-8 की बी रोड पर स्थित ग्रीन बेल्ट के विकास, अजीत चौंक से चप्पड़ चिड़ी तक दोनों ओर की हरित पट्टियों के रखरखाव, चीमा लाइट से स्पाइस लाइट तक ग्रीन बेल्ट के सौंदर्यीकरण और ओल्ड अमरटेक्स रोड की हरित पट्टियों के विकास के लिए अलग-अलग अनुमान तैयार किए हैं। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया-7 में ए-47 से ई-164 तथा ई-175 तक पेवर ब्लॉक दोबारा बिछाने का कार्य भी प्रस्तावित है। योजना के तहत इंडस्ट्रियल एरिया-1 एवं 6, इंडस्ट्रियल एरिया-2, 3, 4 और 5, इंडस्ट्रियल एरिया-7, 8, 8ए, 8बी तथा 9 में कर्ब, चैनल, पेवर ब्लॉक और अन्य सिविल कार्य कराए जाएंगे। वहीं मोहाली गांव से फायर स्टेशन और न्यू बस स्टैंड लाइट्स से मोहाली गांव यह दोनों इलाका इंडस्ट्रियल एरिया में पड़ता है की सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट का भी विकास किया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्रों की सड़कें, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और अन्य बुनियादी सुविधाएं लंबे समय से अपग्रेडेशन की मांग कर रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने करीब 11 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की प्रक्रिया शुरू की है। - सरबजीत सिंह समाना, मेयर