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दूसरों की बुरी नजर से बचाने को बांधा था काला धागा, फिर क्यों 12 दिन की लाडली बच्ची को लावारिस छोड़ गए परिजन

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मोहाली। कोरोना काल में भी परिवार में बेटियां पैदा होने को लेकर लोगों की सोच नहीं बदल रही। ऐसे हालात में भी परिजनों की ममता मर रही है। ऐसा ही ताजा मामला सेक्टर-67 में सामने आया है। यहां पर एक गंदे नाले के नजदीक कोई परिजन अपनी 10-12 दिन की नवजात बच्ची को बिलखता छोड़कर चले गए। किसी राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दी, पुलिस ने तुरंत बच्ची को एक निजी अस्पताल पहुंचाया और जच्चा-बच्चा वार्ड में दाखिल करवा दिया है। अस्पताल का स्टाफ बच्ची को मां का प्यार दे रहा है। सभी बच्ची की देखभाल कर रहे हैं। हैरानी है कि बच्ची के पैर में किसी की नजर से बचाने के लिए एक काला धागा बांधा हुआ है, जबकि बेदर्दी परिजन उसे लावारिस छोड़कर चले गए। पुलिस ने अज्ञात परिजनों के खिलाफ बच्ची को लावारिस छोड़ने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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जानकारी के मुताबिक शनिवार शाम करीब 7 बजे पुलिस को किसी राहगीर ने सूचना दी थी कि सेेक्टर-67 में गंदे नाले के नजदीक पड़ी एक छोटी बच्ची रो रही है। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और तुरंत नवजात बच्ची को एक निजी अस्पताल में पहुंचाया। यहां पर डॉक्टर ने बताया कि बच्ची का जन्म 10-12 दिन पहले हुआ है। बच्ची बिल्कुल तंदुरुस्त है। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को तुरंत फेज-6 में सिविल अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में दाखिल करवाया। यहां पर बच्ची तंदुरुस्त है और स्टाफ उसकी देखभाल कर रहा है।
पुलिस अब बच्ची के परिजनों का पता लगाएगी। तब तक जिला प्रशासन उसे बच्चों को संभालने वाली संस्था को में छोड़ेगा।
नजर से बचाने को बांधा काला धागा, फिर भी परिवार छोड़कर भागा
पता नहीं किस कारण से परिजन बच्ची को छोड़ कर गए हैं। जबकि बच्ची के प्यार में उसको किसी की नजर न लग जाए इसलिए पैर में काला धागा बांधा हुआ है और उसे पीली कमीज पहनाई हुई है। पुलिस परिजनों की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक कर रही है। साथ ही अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में होने वाली महिलाओं की डिलीवरी का रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है।
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