मोहाली। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं और तीसरी लहर में अभी तक सात सरकारी डॉक्टरों सहित 45 सेहत कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इसको देखते हुए सेहत विभाग ने सभी गैर जरूरी सर्जिकल ऑपरेशन पर रोक लगा दी है और अगले निर्देशों तक सिविल अस्पताल में मोतियाबिंद, हड्डियों और दांतों की सर्जरी बंद रहेगी। जानकारी के मुताबिक जिला सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों की बहुत अधिक भीड़ रहती है। यहां पर आने वाले मास्क नहीं लगाते और सामाजिक दूरी के साथ अन्य नियम भी तोड़ते हैं। ऐसे लापरवाह लोगों को सीधा संपर्क डॉक्टरोें और सेहत कर्मचारियों से होता है। इसलिए डॉक्टर और सेहत कर्मचारी कोरोना संक्रमित हुए हैं। इन सभी संक्रमितों को आइसोलेट किया गया है।
ईएनटी, मनोरोगियों और नेत्र रोगियों को नहीं मिला इलाज
सोमवार और मंगलवार को भारी संख्या में लोग इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। लेकिन उन्हें बिना इलाज वापस जाना पड़ा। वहीं ईएनटी, मनोरोगी और नेत्र रोगियों को देखने वाले डॉक्टर कोरोना संक्रमित होने से आइसोलेट हो रखे हैं और ऐसे में लोगों को निजी अस्पताल का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इसलिए बंद किए ऑपरेशन
अस्पताल प्रबंधन की मानें तो सर्जिकल ऑपरेशन करने से डॉक्टर सीधे तौर पर मरीजों के संपर्क में आते हैं और उनका संक्रमित होने का भय अधिक रहता है। इसलिए 15 दिन के लिए ऑपरेशन बंद कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति इसके लिए आवेदन करता है तो उसे 15 दिन बाद की तारीख दी जाती है। जबकि एक दिन में 2-3 सर्जरी होती हैं।
गर्भवती के ऑपरेशन पर रोक नहीं
गैरजरूरी सर्जिकल ऑपरेशन फिलहाल 15 दिन के लिए रोक दिए गए हैं। जबकि गर्भवती महिलाओं के जरूरी सर्जिकल ऑपरेशन पर कोई रोक नहीं है। सर्जरी के दौरान डॉक्टर सीधा मरीज के संपर्क में आते हैं। इसलिए टाली जा सकने वाली सर्जरी बंद की गई हैं। -एचएस चीमा, एसएमओ, सिविल अस्पताल, मोहाली।