मोहाली डीसी आफिस के बाद अब बुधवार से पुडा के विभिन्न दफ्तरों में भी काम रुक जाएगा। अपनी लंबित मांगों के चलते पुडा मुलाजिमों ने दो दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। उन्होंने इस संबंध में मैनेजमेंट को भी पत्र भेज दिया है। साथ ही साफ किया है इस दौरान जो भी लोगों को परेशानी होगी उसके लिए मैनेजमेंट जिम्मेदार रहेगी।
जानकारी के मुताबिक, पुडा मुलाजिमों की भूख हड़ताल सोमवार को 175वें दिन में प्रवेश कर गई। भूख हड़ताल पर अमृतसर जोन के सुखदेव सिंह, सुखविंदर सिंह, हरजीत सिंह, पप्पू, कुलविंदर सिंह व परगट सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। इस दौरान मुलाजिमों ने एक रोष रैली। इसके बाद संघर्ष को तेज करने के लिए मुलाजिमों की एक आपात मीटिंग हुई। मीटिंग में मुलाजिमों का तर्क था कि वह साढ़े पांच महीने से संघर्ष पर चल रहे हैं। लेकिन, मैनेजमेंट उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में उन्हें कड़ा नोटिस लेना होगा। इसके तहत मुलाजिमों ने 18 और 19 मई को कलमछोड़ हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया है। मुलाजिमों ने साफ किया है कि इस दौरान वह दफ्तर में जाएंगे। लेकिन, किसी भी तरह का काम नहीं करेंगे। इस दौरान मुलाजिमों का आर्थिक नुकसान होता है, तो उसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की रहेगी। मुलाजिमों की रैली को नेता रघबीर सिंह, सुच्चा सिंह कलोड़, शमशेर सिंह, हरदीप सिंह, बलबीर मसीह, सुखदेव मनजीत सिंह, हरकेस सिंह, चरनजीत कौर, परमिंदर कौर, ऊमा जोशी, मलकीत सिंह, कुलदीप सिंह, नराता राम, परमजीत सिंह और भाग सिंह शामिल है।
यह हैं मांगें
रहते मुलाजिमों को प्लॉट देना
पुडा मुलाजिमों को पेंशन स्कीम लागू करना
योग्यता रखने वाले दर्जा चार मुलाजिमों को रेगुलर करना
-कैडर से संबंधित मामले