जीरकपुर। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए उनकी नसबंदी का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। भबात क्षेत्र में बनाए गए अस्पताल में यह काम 6 महीने बंद रहने के बाद 3 मई को फिर से शुरू हो गया है।
नगर परिषद जीरकपुर के सेनेटरी इंस्पेक्टर रामगोपाल ने बताया कि 3 मई 2025 से 14 मई 2025 तक विभिन्न क्षेत्रों से कुल 84 कुत्तों को पकड़ा गया है। उनमें से 74 कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है और बाकी 10 कुत्तों की नसबंदी का काम वीरवार को किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 11 मई तक पकड़े गए सभी कुत्तों को नसबंदी करने के बाद उसी जगह पर छोड़ा जा चुका है जहां से उन्हें पकड़ा था।एक बार में करीब 10 कुत्तों को पकड़ा जाता है और उनका ऑपरेशन करने तथा अन्य देखरेख के लिए अस्पताल में चार दिन का समय लगता है। पकड़े जाने के बाद चार दिन बाद कुत्ते को उसकी पुरानी जगह पर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यह काम निरंतर जारी रहेगा जिससे शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगेगा।