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छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों की सुरक्षा के लिए लगाई जा रही स्टील की ग्रिल

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जीरकपुर। शहर के नजदीक पटियाला हाईवे पर छतबीड़ चिड़ियाघर में अब जानवरों के बाड़े के बाहर स्टील की ग्रिल लगाने का काम शुरू किया गया है। यह ग्रिल करीब 7-8 फुट ऊंची लगाई जा रही है। यह फैसला यहां के जानवरों और आने वाले सैलानियों दोनों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है। वहीं, छतबीड़ चिड़ियाघर प्रबंधकों ने पिछले दिनों दिल्ली के चिड़ियाघर में फोटो लेने के दौरान एक युवक सफेद बाघ के बाड़े में गिर गया था और बाघों ने उस पर हमला कर दिया था और युवक की मौत हो गई थी, तो उस घटना से सबक लेते हुए यहां पर स्टील की ग्रिल लगाई जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक छतबीड़ चिड़ियाघर में इससे पहले भी लोहे की ग्रिल लगाई गई थी। जो ज्यादा ऊंची नहीं थी, इस कारण यहां आने वाले सैलानी जानवरों से छेड़खानी करते हुए उनको कुछ न कुछ खाने-पाने की वस्तुएं देकर उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते थे। यहीं नहीं कुछ सैलानी खतरनाक जानवरों के साथ सेल्फी या फोटो लेने के चक्कर में ग्रिल को फांदकर सुरक्षा घेरा तोड़कर डेंजर जोन में चले जाते थे। इस दौरान उनके साथ हादसों का डर बना रहता था। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जहां जानवरों के बाड़ों के बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात करने पड़ते थे। वहीं चिड़ियाघर प्रबंधकों की ओर से हर बाड़े के बाहर जानवरों से छेड़खानी और उनको खाने-पीने की कोई वस्तु न देने संबंधी चेतावनी बोर्ड भी लगाए हुए थे। लेकिन इसके बावजूद सैलानी बाज नहीं आते थे। इस कारण जहां जानवरों की सुरक्षा को खतरा था, वहीं सैलानी भी ग्रिल नीचे होने के कारण खतरनाक जानवरों से छेड़खानी करने से बाज नहीं आते थे। इसके अलावा यहां पहले लगी लोहे की ग्रिल अकसर जंग खा जाती थी। जिनको बार-बार पेंट करने के अलावा उनकी ज्यादा देखभाल करने की जरूरत रहती थी। जो काफी खर्चे और सिरदर्दी वाला काम था।
इसको देखते हुए छतबीड़ चिड़ियाघर में अब 7 फुट ऊंची स्टेनलेस स्टील की ग्रिल लगाई जा रही है। चिड़ियाघर में लगाई जा रही है यह नई ग्रिल सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल ठीक है और जंग भी नहीं पकड़ती। इसलिए इसे बार-बार पेंट करने की जरूरत नहीं रहती।
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इसके अलावा चिड़ियाघर में स्वच्छ मुहिम के तहत साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत नियमित साफ-सफाई की जा रही है। इसके अलावा इससे पहले यहां आने वाले सैलानी कूड़ा कहीं भी गिरा देते थे। जिस कारण यहां पर गंदगी फैलती थी। अब ऐसा न हो इसके लिए जगह-जगह फैंसी कूड़ेदान स्थापित किए जा रहे हैं।
जानवरों और सैलानियों की सुरक्षा जरूरी
छतबीड़ चिड़ियाघर में जानवरों के बाड़े में स्टील की ऊंची ग्रिल लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही सभी जानवरों के बाड़ों के बाहर स्टील की ग्रिल का कार्य पूरा हो जाएगा। इससे जहां बार-बार जंग की समस्या खत्म होगी, वहीं 7 फुट ऊंची स्टील की ग्रिल लगाने के कारण जानवरों और सैलानियों की सुरक्षा बनी रहेगी, क्योंकि दोनों की सुरक्षा बहुत जरूरी है।
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- हरपाल सिंह, जू एजुकेशन अफसर, छतबीड़ चिड़ियाघर।
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