मोहाली। पंजाब सरकार ने राज्यभर के 19 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) सदस्यों के लिए व्यापक प्रशिक्षण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य माता-पिता और समुदाय को शिक्षा प्रणाली से जोड़कर स्कूलों को सशक्त बनाना था।
इस पहल की अगुवाई राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की निदेशक डॉ. किरण ने की। यह कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग और एलीमेंटरी एजुकेशन विंग के सहयोग से आयोजित हुआ जबकि गैर-लाभकारी संस्था समर्थ्य ने तकनीकी समर्थन दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में 17 से 19 सितंबर तक राज्य के 600 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया जिन्होंने 29 सितंबर से क्लस्टर स्तर पर एसएमसी सदस्यों को प्रशिक्षण देना शुरू किया। प्रशिक्षण में एसएमसी की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और स्कूल संचालन में साझी भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया गया।
राज्यव्यापी प्रशिक्षण का शुभारंभ शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने किया। बैंस ने कहा कि कई स्थानीय समस्याएं ऐसी हैं जिन्हें सरकार अकेले हल नहीं कर सकती, समुदाय को आगे आना होगा। वहीं सिसोदिया ने कहा कि स्कूल चलाने की जिम्मेदारी एसएमसी की है, सरकार का काम उन्हें सहयोग देना है।
प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट एसएमसी सदस्यों को सम्मानित किया गया। प्रशिक्षण में स्कूल की स्वच्छता, छात्र उपस्थिति, मिड-डे मील निगरानी, ड्रॉपआउट रोकथाम और लड़कियों की शिक्षा जैसे विषयों पर विशेष सत्र रखे गए। यह पहल पंजाब में शिक्षा के सामुदायिक मॉडल को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।