मोहाली। आवाजाही को आसान बनाने के लिए जिला प्रशासन भी सिटी बस सर्विस शुरू करने के लिए गंभीर है। जिला प्रशासन इस पर मंथन कर रहा है। इतना ही नहीं अगर जरूरत पड़ी तो सीटीयू की बस सर्विस का भी इलाके में विस्तार किया जाएगा। डीसी अमित तलवार ने बुधवार को इस बारे में मीडिया से बातचीत में संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि सिटी बस सर्विस एक बड़ा पुरानी व अहम मांग है। इसके लिए वह जल्दी ही अधिकारियों से बैठक करेंगे। जानकारी के मुताबिक मोहाली शहर को बसे हुए पचास साल से अधिक समय हो गया है लेकिन अभी तक मोहाली प्रशासन लोकल सिटी बस सर्विस नहीं चला पाया है। लोग चंडीगढ़ की सीटीयू बसों पर निर्भर हैं। इसका आटो व अन्य निजी वाहन चालक फायदा उठाते हैं। इतना ही नहीं इस वजह से आपराधिक वारदातें भी बढ़ रही हैं।
नगर निगम सात साल से इस दिशा में काम कर रहा है। बस क्यू शेल्टर से लेकर बस रूट तक तैयार किए जा चुके हैं लेकिन फिर भी इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नगर निगम ने इस संबंध में योजना बनाई थी। नगर निगम में इस संबंधी प्रस्ताव पास कर निकाय विभाग को भेजा था। वहां से मंजूरी मिलने के बाद अब प्रोजेक्ट को मंजूरी के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजा गया। वहां से मंजूरी मिलते ही इस दिशा में कार्रवाई शुरू होगी। इससे पहले मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह व मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू भी साफ कर चुके हैं कि लोकल सिटी बस सर्विस चलाना उनका सपना है। जिसे हर हाल में हकीकत में बदलने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
बसों के लिए बनाए यह रूट
नगर निगम ने बसों के रूट भी तैयार किए हैं। इस दौरान उन जगहों को चुना गया है, जहां पर लोगों का आना-जाना अधिक रहता है। इसके अलावा सभी सरकारी दफ्तरों को कवर करने के साथ ही स्कूल और कॉलेज के समय का भी ध्यान रखा गया है जिससे इलाके के लोगों को फायदा मिल सके। इन रूटों में मुख्य रूप से सेक्टर-80 से पीजीआई और पीयू, फेज-6 से 11, एयरपोर्ट, इंडस्ट्रियल एरिया समेत अन्य एरिया को कवर किया जाएगा। वहीं, किराया भी लोगों के बजट के हिसाब से तय होगा। यह सीएनजी बसें ग्रिड सिस्टम में चलेंगी और इसके लिए ऑनलाइन एप भी तैयार होगा। कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल एप से बस को ट्रैक कर पाएगा। शहर में किराया प्रति बस दस रुपये तय किया गया है।
खंडहर हो रहे बस स्टैंड की भी ली जाएगी सुध
पत्रकारों ने डीसी तलवार से फेज-छह में करोड़ों रुपये से तैयार किए बस स्टैंड के खंडहर होने के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट संबंधी सारी पड़ताल की जाएगी। उनकी कोशिश यही है कि लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत न उठानी पड़े।