मोहाली। जिला अदालत ने मंगलवार को पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका रद्द कर दी। इसके साथ ही साफ हो गया है कि सुखपाल सिंह खैरा को अभी कुछ समय और जेल में बिताने होंगे। वहीं, दूसरी ओर सुखपाल खैरा के बेटे मेहताब खैरा ने कहा है कि उनके पिता निर्दोष हैं और अब जमानत के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगाएंगे।
जानकारी के मुताबिक पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा को ईडी ने 10 नवंबर को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद वह रिमांड पर चल रहे थे। खैरा ने अदालत में ईडी की ओर से की गई गिरफ्तारी को गलत करार देकर अपनी जमानत के लिए याचिका लगाई थी। इसकी सुनवाई अदालत में शुक्रवार को सुबह साढ़े 10 बजे से शुरू होकर शाम साढ़े 4 बजे तक चली थी। यहां करीब साढ़े 5 घंटे तक चली अदालत की कार्यवाही के दौरान खैरा की ओर से पेश हुए वकीलों ने एक के बाद एक दलीलें पेश की थीं। इस दौरान खैरा ने अदालत को बताया था कि ईडी ने जिस चीज को आधार बनाकर उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है, उसमें ईडी को कोई सबूत हासिल नहीं हुआ। जबकि ईडी की यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित थी, क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन में अपना समर्थन दिया था। सुखपाल सिंह खैरा ने अदालत को बताया कि आठ दिन के पुलिस रिमांड के दौरान ईडी को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे साबित हो सके कि उन्होंने विदेशों से कोई फंड लिया है।
वहीं, दूसरी ओर ईडी ने सुखपाल खैरा की ओर से पेश की गई दलीलों का जमकर विरोध किया और खैरा की जमानत याचिका को खारिज करने की अपील की थी। इसी बीच अदालत ने खैरा और ईडी की ओर से पेश हुए वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला मंगलवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। अब मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए सुखपाल सिंह खैरा की ओर से लगाई गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद खैरा के बेटे मेहताब खैरा ने कहा है कि मेरे पिता निर्दोष हैं और जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील कर जमानत की गुहार लगाएंगे।