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Mohali News: बिजली गायब, गर्मी और उमस से दम घुटने पर बेहोश हुई सात छात्राएं

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मोहाली। पंजाब सरकार की ओर से सेक्टर-70 में चलाए जा रहे मैरिटोरियस स्कूल का ट्रांसफार्मर शनिवार सुबह साढ़े 5 बजे फूंकने के कारण स्कूल के हाॅस्टल में रहने वाली करीब 800 छात्राओं के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। इनमें से सात छात्राओं का गर्मी और उमस के कारण दुम घुटने से वे बेहोश हो गईं और इनको फेज-6 के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। यह सभी छात्राएं 11वीं और 12वीं कक्षा की हैं।छात्राओं का दम घुटने का कारण स्कूल में बिजली न होने के कारण गर्मी और नहीं थी। जिससे उन्हें उनके हास्टल में घबराहट होने लगी और उनका दम घुटने लगा। जिसके कारण वह बेहोश हो गई। जिन्हें इलाज के लिए फेज-6 सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां 7 में से 5 लड़कियों को ग्लूकोज लगाया गया। इस मामले में सिविल अस्पताल के डाक्टर का कहना था कि सभी छात्राओं ने उन्हें बताया कि उनका सिर दर्द भी हो रहा था। जिसके लिए उन्हें दवाई भी दी गई।
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स्कूल प्रबंधन के मुताबिक करीब सुबह साढ़े पांच बजे ट्रांसफॉर्मर फूंक गया था। इसके बाद जब चेक किया गया तो पता चला कि इसमें लगा जंपर खराब हो चुका है। पहले तो इसको खुद ठीक करने का प्रयास किया जाता रहा पर जब नहीं हुआ तो उसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया। बिजली विभाग की टीम आई और उन्होंने चेक करने के बाद स्कूल प्रबंधन को खुद ही इसको ठीक करवाने को कहा। स्कूल प्राचार्य ने बताया कि इस मामले में उन्होंने सुबह करीब ग्यारह बजे पत्र लिखा था तब टीम स्कूल में आई। खैर, स्कूल द्वारा बाहर से किसी बिजलीकर्मी को हायर किया और उसके बाद बिजली करीब शाम को साढ़े पांच बजे आई। इस बीच हास्टल के स्टूडेंट्स परेशान होते रहे और उनके लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया।

बता दें कि पंजाब सरकार ने होनहार बच्चों के लिए प्रदेश भर में मैरिटोरियस स्कूल बनाए थे। जिनमें से एक स्कूल मोहाली में भी बनाया गया था। जो है तो होनहार बच्चों के लिए लेकिन वहां की व्यवस्था वैसी नहीं हैं।
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पानी नहीं था, इसलिए बढ़ी परेशानी

गर्मी और उमस होने के कारण यह दिक्कत आई है। ऐसे मौसम में जहां स्कूल में बिजली नहीं थी। वहीं बिजली न होने के चलते पानी की भी कमी हो गई। दो दिन से बच्चे बिना बिजली और पानी के रहने को मजबूर हो गए थे। वहीं हास्टल में एक कमरे में चार बच्चे रहते थे। जिसके चलते वहां उनका दम घुटने लगा और वे बेहोश हो गई। वहीं स्कूल प्रशासन ने पानी मंगवाया लेकिन उसका कोई खास असर नहीं हुआ।



कोट्स
बिजली सुबह साढ़े 5 बजे चली गई थी, जिसकी वजह से पानी भी नहीं आ रहा था। हमने पूरा प्रयास किया कि छात्राओं को कोई परेशानी न हो। बिजली ठीक करवाने के लिए विभाग की टीम को बुलाया गया था और शाम को बिजली ठीक हो गई। छात्राओं को परेशानी हुई तो हम उनको सिविल अस्पताल में ले गए, जहां उनका इलाज किया गया और अब वह लौट आईं हैं। -रितु शर्मा, प्रिंसिपल, मैरिटोरियस स्कूल
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