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बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए स्कूल करवा रहे विशेष कार्यक्रम

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जीरकपुर। कोरोना काल के दो साल बाद बच्चों ने अब लगातार स्कूल जाना शुरू किया है और बच्चों को ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन कक्षाओं में पढ़ाई करनी पड़ेगी। इस कारण बच्चों के मन में कुछ सवाल पैदा हो चुके हैं जिन्हें दूर करने के लिए और उनकी स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए रूचि बढ़ाने के लिए विशेष ेतौर पर कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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अब दोबारा से स्कूल जाने में बच्चों की रुचि कम दिखाई दे रही है। कारण यह नहीं कि वह स्कूल नहीं जाना चाहते हैं, बल्कि बच्चों को डर सता रहा है कि वह घर के बाहर कैसे इतना समय स्कूल में बिताएंगे, कैसे लिखेंगे, क्योंकि ऑनलाइन क्लास के चलते उनकी लिखने की आदत भी कम हो गई है। वहीं, दूसरी ओर बच्चों की समस्या को समझते हुए स्कूलों की ओर से बच्चों में पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरह के रोचक कार्यक्रम आयोजित करवाए जा रहे हैं। इसकी पड़ताल करने के लिए अमर उजाला की टीम मानव मंगल स्मार्ट स्कूल में पहुंची तो देखा कि बच्चों के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करवाए जा रहे हैं। इनमें सुबह बच्चों की पढ़ाई शुरू करने से पहले म्यूजिक क्लास शुरू करवाई जाती है और बच्चों का शारीरिक विकास करने के लिए खेलकूद भी करवाया जा रहा है। स्कूल प्रिंसिपल संदीप सरदाना ने बताया कि बच्चों की स्कूल में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए बच्चों को मैजिक शो दिखाया जा रहा है। इसके कई खेल प्रतियोगिताओं के साथ पेंटिंग कंपीटिशन भी करवाए जा रहे हैं। उन्होेंने बताया कि बच्चे स्कूल के क्लास रूम और बाथरूम तक भूल गए थे। इसके लिए बच्चों को दोबारा से पूरे स्कूल का दौरा भी करवाया जा रहा है।
यह कहना है शिक्षक और अभिभावकोें का
दो साल ऑनलाइन पढ़ाई करने के बाद अब बच्चों को ऑफलाइन पढ़ाई करने में समस्या आ रही है। बच्चों की समस्या को समझते हुए पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ाने के लिए खेलकूद, म्यूजिक और ड्राइंग करवाकर बच्चों की रुचि बढ़ाई जा रही है। -अनिला किंडर, शिक्षक
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बच्चों में लिखने की आदत बनाने के लिए उनको हैंड राइटिंग के विशेष कोर्स करवाए जा रहे हैं, जिससे बच्चों की स्कूल आने में रुचि बढ़ जाए। इसके साथ ही उनमें कई तरह की प्रतियोगिताएं, खेल मुकाबले और अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाई जा रही हैं। -दिलप्रीत कौर, शिक्षक
पिछले करीब दो साल तक ऑनलाइन टैब, मोबाइल फोन और लैपटॉप पर पढ़ाई करने के कारण बच्चों का शरीरिक विकास रुक सा गया था। लेकिन अब स्कूल खुलने के बाद ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद उनका मानसिक और शारीरिक विकास होगा। -मनु सलूजा, अभिभावक
घर पर रहकर बच्चे चिड़चिड़े स्वभाव के हो गए थे और मोबाइल, टैब पर ऑनलाइन क्लासें लगाकर उनकी आंखों पर बुरा असर पड़ रहा था। वह पूरे दिन मोबाइल पर ही रहते थे। उनका खेलकूद बिल्कुल बंद हो गया था। अब स्कूल जाने से सोशल जिंदगी जीएंगे। -सुनैना, अभिभावक
करीब दो साल के बाद दोबारा स्कूल में आने के दौरान शुरू के एक दो दिन तक तो डर लगा था। लेकिन अब धीरे-धीरे अध्यापकों की मदद से उनका फिर से स्कूल में आकर पढ़ाई करने के लिए मन लगना शुरू हो गया है और पढ़ाई करने लगे हैं। - दिवजोत, विद्यार्थी कक्षा 6
घर पर ऑफलाइन पढ़ाई करने के दौरान ज्यादा लिखने की आदत नहीं रही थी। लेकिन अब स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई के दौरान लिखने में दिक्कत आती है। वैसे स्कूल में अब मन लगने लगा है। जल्द ही लिखने की आदत भी पहले की तरह बन जाएगी। -पार्थ, विद्यार्थी कक्षा 7
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