मोहाली। शहर के विभिन्न पार्कों में करीब दो साल से बंद पड़े पुस्तकालय चलाने की तैयारी हो गई है। नगर निगम ने इन्हें अब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के सहयोग से चलाने की योजना तैयार की है। पुस्तकालय में किताबें, मैगजीन, अखबारें, पुस्तकें व फर्नीचर आदि नगर निगम द्वारा मुहैया करवाया जाएगा। वहीं आरडब्ल्यूए को हर महीने इन्हें चलाने के लिए दस हजार दिए जाएंगे। डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट कामयाब रहेगा।
जानकारी के मुताबिक करीब पांच साल पहले जिला प्रशासन द्वारा लाखों रुपये की लागत से पुस्तकालय बनाए गए थे, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों के ढीले रवैये की वजह से प्रोजेक्ट शुरू से ही अधर में लटक गया था। पहले बिजली के कनेक्शन लेने में काफी समय लगा। इसके बाद फर्नीचर और किताबों को लेकर परेशानी आई। आखिर में जो स्टाफ रखा गया, उस पर ऑडिट डिपार्टमेंट ने अंगुली उठा दी थी, जिसके बाद सारे स्टाफ को निकालना पड़ा था। वहीं, कोरोना से ठीक दो साल पहले यह प्रोजेक्ट अधर में लटक गया था। इसके बाद नई नगर निगम पर अब सत्ताधारी दल कांग्रेस का कब्जा हुआ है जिसके बाद इन्हें चलाने के लिए हाउस में प्रस्ताव पास किया गया।
ऐसे बने थे पार्कों में पुस्तकालय
जानकारी के मुताबिक लोगों को पार्क में अखबार व किताबें पढ़ने की सुविधा देने के लिए बड़े महानगरों की तर्ज पर पुस्तकालय स्थापित करने का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। इस दौरान लोगों की डिमांड पर फेज-3बी1, फेज-चार, छह, 11 सेक्टर-65 और 69 में पुस्तकालय बनाने का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। प्रोजेक्ट सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा की वजह से शुरू हो पाया था। प्रोजेक्ट के लिए 18 से 19 लाख रुपये का बजट रखा गया था। 2017 में यह योजना बनकर तैयार हो गई थी, लेकिन अभी तक ये पुस्तकालय चल नहीं पाए हैं।
पुस्तकालय के लिए जाना पड़ता था चंडीगढ़
जानकारी के मुताबिक पहले शहर में दो पुस्तकालय थे। इनमें जिला पुस्तकालय, जो पहला फेज-एक की बिल्डिंग से चलता था, वह अब शिफ्ट होकर फेज-चार बोगनविलिया पार्क में आ गया है। वहीं इसके अलावा फेज-दस सिल्वी पार्क में चलने वाला पुस्तकालय शामिल था। ऐसे में ज्यादातर युवा पुस्तकालय की सुविधा लेने के लिए चंडीगढ़ जाते थे। उस समय उम्मीद थी कि जब उक्त पुस्तकालय बन जाएंगे, तो लोगों को फायदा हो जाएगा।