डेराबस्सी। तहसील में फर्जी एनओसी पर सैकड़ों अवैध कॉलोनियों में फर्जी रजिस्ट्री करने के मामले ने तहसील में व्यापक भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि डेराबस्सी तहसील में आम आदमी सरकार आने के बाद ही अधिकारियों की नाक के नीचे यह घोटाला खुलेआम चल रहा था। एक सप्ताह बाद भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं अब तो यह भी पता चला है कि जांच खुलने के बाद रजिस्ट्री की फाइल में से एनओसी के दस्तावेज गायब करने की अफवाह फैल गई है। उधर, इस मामले की जांच को लेकर तहसील में नई चर्चा शुरू हो गई है, जो जांच पर सवाल खड़े कर रही है। प्रॉपर्टी कारोबारियों समेत छोटे बिल्डरों और तहसील में अतिरिक्त रजिस्ट्रियां लिखने वालों का कहना है कि यह फर्जीवाड़ा सिर्फ रजिस्ट्री में लगी फर्जी एनओसी तक ही सीमित नहीं है। परिषद अधिकारियों ने जांच के लिए तहसील कार्यालय से इस वर्ष हुई रजिस्ट्रियों से जुड़े एनओसी के कागजात ही मांगे हैं। वहीं, ऐसी रजिस्ट्रियों की संख्या भी सैकड़ों में है, जिनकी रजिस्ट्री के बाद फर्जी एनओसी वाले कागज निकाल लिए गए। सूत्रों का कहना है कि फर्जी रजिस्ट्रेशन कराने वालों में एक शख्स ऐसा भी है जो रजिस्ट्रेशन के लिए मोटी रकम वसूलता था। उक्त व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत की गई कोई भी रजिस्ट्री अधिकांश अधिकारियों द्वारा आंखें बंद करके की गईं।
नौ माह में करीब 5500 रजिस्ट्रियां, जांच के लिए एनओसी पहुंची सिर्फ 2000
फर्जी एनओसी का मामला उजागर होने पर नगर परिषद ने इस वर्ष हुई रजिस्ट्रियों से जुड़ी एनओसी तहसील कार्यालय से मांगी। नगर परिषद अधिकारियों के मुताबिक उनके पास करीब 2000 एनओसी रिकार्ड जांच के लिए आई थीं। उधर, यह बात सामने आई है कि चालू वर्ष में अब तक करीब 5500 रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
कोट
इस मामले में दो बड़े मगरमच्छ जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। अगर किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -कुलजीत सिंह रंवावा, हलका विधायक