मोहाली। बुधवार सुबह साढे़ दस बजे से शिक्षा विभाग के दफ्तर का घेराव करके बैठे कच्चे (अस्थायी) अध्यापक मांगें पूरी न होने पर वहीं डटे रहेंगे। प्रदर्शनकारियों का वेतन बढ़ाने की मांग को कैबिनेट में रखने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन प्रदर्शनकारी अध्यापक तत्काल पक्का (स्थायी) किए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। शिक्षा विभाग के दफ्तर की छत पर चढ़े 6 लोग आत्महत्या की धमकी के साथ डटे हुए हैं। वहीं देर रात तक चली बैठक के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना जारी रखने का एलान किया है।
पंजाब के स्कूलों में तैनात करीब 13000 कच्चे अध्यापक पांच कैटेगरी के तहत काफी समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कई जगह तो दर्जा चार मुलाजिमों से कम वेतन इन्हें मिल रहा है। ऐसे में अध्यापक बुधवार को मोहाली फेस-8 में इकट्ठे हुए थे। इसके बाद मौका पाकर कुछ टीचर पेट्रोल की बोतल लेकर शिक्षा विभाग की बिल्डिंग पर चढ़ गए। एक महिला शिक्षक ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जिसकी हालत में अब सुधार बताया जा रहा है। जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू से खन्ना में अध्यापकों की बैठक करवाई। इसके अलावा 27 जून को होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद तय हुआ कि वीरवार को शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार से शिक्षकों की बैठक होगी।
वीरवार को शिक्षा सचिव के साथ प्रदर्शनकारी अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। जिसमें कच्चे अध्यापकों की तीन प्रमुख मांगों को कैबिनेट ने रख कर मंजूर करवाने का आश्वासन शिक्षा सचिव ने दिया। हालांकि पक्के किए जाने की प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया गया। प्रदर्शनकारियों की वेतन बढ़ाए जाने की मांग को शिक्षा सचिव ने जायज ठहराते हुए कैबिनेट से मंजूर करवाने का भरोसा दिया।
प्रदर्शनकारी शिक्षक बाहरी तौर पर पक्के होने की मांग पर अड़े हुए हैं, लेकिन वेतन वृद्धि से संतुष्ट भी हैं। प्रशासन भी वेतन वृद्धि की मांग के साथ धरना हटवाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहा है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारी शिक्षकों की बैठक में संघर्ष जारी रखने या तीन मांगे मनवा कर धरना हटा लेने को लेकर विचार जारी था।
ऐसे कटी प्रदर्शनकारी शिक्षकों की रात
नौकरी पर पक्का होने की मांग को लेकर संघर्ष पर चल रहे कच्चे अध्यापकों ने बुधवार पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारी। महिला और पुरुष टीचर सड़कों पर सोए। जो टीचर पेट्रोल की बोतल लेकर शिक्षा विभाग की छत पर चढ़े हुए थे, वह भी पूरी रात नीचे नहीं उतरे। शिक्षकों का कहना है कि अब तो अपना हक लेकर जाएंगे वरना इसी तरह उनका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं देर रात जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू से खन्ना में अध्यापकोें की बैठक करवाई करवाई। इसके बाद वीरवार को शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से अध्यापकों की बैठक करवा दी गई।