पंजाब में डाक्टरों की हड़ताल का असर चौथे दिन भी सिविल अस्पताल में देखने को मिला। अस्पताल में परिजन हाथों में ग्लूकोज की बोतल लेकर तो कहीं व्हील चेयर पर मरीजों को बिठाकर इधर-उधर चक्कर काटते रहे। न मरीजों को पर्ची मिल रही थी और न ही कोई रिपोर्ट दी जा रही थी। साथ ही जिले के अन्य अस्पतालों से रेफर होकर आने वाले मरीजों को बिना इलाज वापस जाना पड़ा। वहीं, ओपीडी के दरवाजे भी बंद कर दिए और इमरजेंसी के गेट से मरीजों को अंदर जाना पड़ा।
फेज-6 सिविल अस्पताल में शुक्रवार को चौथे दिन भी डाक्टरों की हड़ताल जारी रही। अस्पताल में मरीजों की भरमार नजर आ रही थी। ओपीडी के गेट बंद होने से मरीज इमरजेंसी के गेट से अस्पताल पहुंचकर डाक्टरों को इस कमरे से उस कमरे तक ढूंढ रहे थे और जब उन्हें पता चला कि हड़ताल अब सोमवार तक बढ़ गई है तो वह और परेशान हो गए।
मरीजों ने बताया कि यहां न तो पर्ची मिली और न ही दवा मिल सकी। साथ ही मोहाली, कुराली, खरड़ सहित अन्य इलाकों से आए मरीजों को नर्सों ने व्हील चेयर और स्ट्रैक्चर पर ग्लूकोज की बोतल लगाकर छोड़ दिया। अस्पताल के अंदर-बाहर अधिक संख्या में मरीज भटकते थे। इसके अलावा अस्पताल में रिपोर्टें लेने आए मरीजों को भी रिपोर्ट लेने के लिए सोमवार तक आने के लिए कहा गया।
कैश काउंटर पर पर्ची कटाने के लिए कतार में लोग खड़े नजर आए और इमरजेंसी से लेकर अस्पताल परिसर में मरीज डाक्टरों से मिलने के लिए चक्कर लगाते रहे थे। साथ ही अस्पताल में किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसलिए पुलिस भी चप्पे-चप्पे तैनात रही।